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स्वामी यति नरसिम्हानंद बोले- कमलेश तिवारी की तरह मेरी हत्या होनी तय, लेकिन अपनी बात पर अभी भी कायम

Mon, 05 Apr 2021 05:48 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 05 Apr 2021 05:48 PM IST
सार

  • दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में दिए एक बयान के कारण चर्चा में आये स्वामी यति नरसिम्हानंद, बयान पर दर्ज हो चुकी है  एफआईआर     
  • स्वामी यति ने कहा- भारत शास्त्रार्थ करने वाला देश, अगर राम, कृष्ण और गीता पर चर्चा हो सकती है तो किसी अन्य धर्म पर क्यों नहीं
  • स्वामी के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए आम आदमी पार्टी विधायक अमान्तुल्लाह खान पर भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर

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Swami Yati Narasimhananda defend himself from the statement, delhi police register the FIR on hate speech
स्वामी यति नरसिम्हानंद - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक अप्रैल को हुए एक कार्यक्रम के दौरान एक धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले स्वामी यति नरसिम्हानंद को अपनी हत्या की आशंका सता रही है। उन्होंने कहा है कि हिन्दू धर्म की आवाज उठाने के कारण जिस तरह लखनऊ के कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई, उसी प्रकार एक दिन उनकी भी हत्या कर दी जाएगी। अगर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके डासना मंदिर की सुरक्षा में ठोस कदम न उठाया होता, तो अब तक उनकी हत्या की जा चुकी होती। लेकिन उन्होंने कहा कि अपनी कही गई बात पर वे अब भी कायम हैं और वे आगे भी इस तरह की आवाज उठाते रहेंगे।

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स्वामी यति का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद उस पर विवाद पैदा हो गया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की जाने लगी। दिल्ली पुलिस ने विडियो का संज्ञान लेते हुए इस मामले में शनिवार को संसद मार्ग थाने में एक एफआईआर (57/21 u/s 153-A, 295A) दर्ज कर ली है।
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स्वामी यति नरसिम्हानंद ने अमर उजाला से कहा कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने केवल यही बात कही थी कि भारत शास्त्रार्थ करने वाली संस्कृति का देश है। यहां भगवान राम, कृष्ण से लेकर हिन्दुओं की सबसे पवित्र धर्मग्रन्थ गीता पर भी शास्त्रार्थ और चर्चा होती है। हिन्दुओं की आराध्य देवी भगवती दुर्गा के आपत्तिजनक चित्रण को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता करार दी जाती है, तो इसी देश में किसी अन्य धर्म के पैगंबर या धार्मिक ग्रन्थ पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि लोग अपने ही धर्म ग्रंथों और उसके पैगम्बरों की जिंदगी, अपनी धार्मिक पुस्तकों का बारीकी से अध्ययन करें और उस पर खुलकर चर्चा करें। इससे वे समझ सकेंगे कि उनका धर्म किस प्रकार के लोगों के द्वारा संचालित किया गया है और उनके धर्म ग्रंथों में क्या बातें कही गई हैं। अगर लोग इन बातों को समझेंगे, तो वे ज्यादा बेहतर ढंग से अपने धर्म को समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह किसी दूसरे के लिए नहीं, बल्कि उसी धर्म का पालन करने वाले लोगों के हित में है कि वे अपनी धार्मिक पुस्तकों में कही गई बातों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करें और सोचें कि क्या आज के समय में ये बातें उचित हैं।

योगी से खुश तो मोदी की आलोचना करते हैं स्वामी

स्वामी यति महाराज का मानना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सही तरीके से शासन चला रहे हैं और हिंदुत्व के मुद्दों को उचित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार सही तरीके से काम नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार पिछली सरकारों की तरह वर्ग विशेष के प्रति विशेष प्रेम दिखाने के ‘रोग’ से ग्रस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारें मुसलमानों का तुष्टिकरण करती थीं तो वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार मुसलमानों का सशक्तीकरण कर रही है।

कलाम पर भी लगाया था आरोप

स्वामी यति महाराज इसके पहले भी कई मामलों में विवादों के केंद्र में रह चुके हैं। उन्होंने देश के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। कुछ दिन पूर्व डासना के मंदिर में एक अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे की पिटाई के बाद उनके बयान के कारण भी विवाद हो गया था। उनका आरोप था कि मंदिर के बाहर ही पीने के नल लगाये गये हैं, लेकिन कुछ शरारती तत्व जानबूझकर पानी पीने के बहाने मंदिर परिसर के अंदर आ जाते हैं और अंदर आकर गलत हरकतें करते हैं।

कई आपराधिक मामले भी दर्ज

डासना के एक मंदिर के पुजारी स्वामी यति नरसिम्हानंद पर कई आपराधिक मामलों में जांच भी चल रही है। उन पर हज हाउस के निर्माण में बाधा डालने से लेकर एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने तक का आरोप है। स्याना इलाके में हुई एक हिंसा के मामले में भी उन्हें 11 अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है। इस मामले में उन पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किये गये हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

अमान्तुल्लाह खान पर भी केस दर्ज

स्वामी यति के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के वर्तमान विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुलाह खान ने उनके ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसे लेकर भी सोशल मीडिया में बवाल हो गया था और लोग आप विधायक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। पुलिस ने अमान्तुलाह खान पर भी केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, आप विधायक ने बाद में दिल्ली पुलिस से इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग भी की थी।

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