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'मिलन प्रधान की ताकत से डरे शुभेंदु': कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सियासत, पार्टी ने सीएम पर लगाए आरोप
Sat, 19 Sep 2026 01:11 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:11 PM IST
सार
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की पुराने कथित हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी मिलन प्रधान की लोकप्रियता से डरते थे। उन्होंने गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए गंभीर सवाल उठाए।
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प्रकाश जोशी, कांग्रेस प्रभारी, पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों कई वजह से हलचल तेज है। इन में से ही एक वजह है नंदीग्राम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे मिलन प्रधान की ताकत को अच्छी तरह से जानते थे। इसलिए उन्होंने डर सता रहा था।
प्रकाश जोशी ने क्या कहा?
प्रकाश जोशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'जिस पल कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा था। (2007 के नंदीग्राम जमीन अधिग्रहण आंदोलन में एक अहम चेहरा थे) तब से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को खतरा महसूस होना ही था। आखिरकार, शुभेंदु अधिकारी भी उस आंदोलन का हिस्सा थे। मिलन प्रधान की ताकत को अच्छी तरह जानते हैं। तब से ही उन्हें डर सता रहा है।
'अपना मामला खत्म करवाने में कामयाब रहे'
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें एहसास है कि चुनाव का नतीजा कुछ भी हो सकता है। इसी से उस आंदोलन के दौरान राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज मामले की स्थिति समझी जा सकती है। जहां शुभेंदु अधिकारी जो उस समय सत्ताधारी टीएमसी का हिस्सा थे। अपने मामले तो खत्म करवाने में कामयाब रहे। वहीं मिलन प्रधान को लगा कि उनका मामला भी बंद हो गया है, क्योंकि उन्हें सरकार पर भरोसा था कि वह झूठ नहीं बोलेगी। इसी भरोसे में उन्होंने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन अचानक मामला फिर से खुल गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
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ममता बनर्जी के समर्थन पर क्या बोले जोशी?
उन्होंने आगे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से मिले समर्थन पर कहा,' मैं इसे समर्थन मिलने के बाद की गई गिरफ्तारी के तौर पर नहीं देखता। मेरा मानना है कि शुभेंदु अधिकारी ने यह सब पहले से ही प्लान किया था, क्योंकि उन्हें पता था कि मिलन प्रधान एक मजबूत उम्मीदवार हैं। उस रात उन्हें प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने उन पर नाम वापस लेने का दबाव डाला और रिश्वत देने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है? यही उनकी ताकत है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मिलन प्रधान को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एक पुराने कथित हत्या मामले में की गई है। यह घटना ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की पूर्व उम्मीदवार संचिता डे प्रधान की ओर से नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने के बाद हुई है। नामांकन वापस लेने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का एलान की थी।
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प्रकाश जोशी ने क्या कहा?
प्रकाश जोशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'जिस पल कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा था। (2007 के नंदीग्राम जमीन अधिग्रहण आंदोलन में एक अहम चेहरा थे) तब से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को खतरा महसूस होना ही था। आखिरकार, शुभेंदु अधिकारी भी उस आंदोलन का हिस्सा थे। मिलन प्रधान की ताकत को अच्छी तरह जानते हैं। तब से ही उन्हें डर सता रहा है।
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'अपना मामला खत्म करवाने में कामयाब रहे'
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें एहसास है कि चुनाव का नतीजा कुछ भी हो सकता है। इसी से उस आंदोलन के दौरान राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज मामले की स्थिति समझी जा सकती है। जहां शुभेंदु अधिकारी जो उस समय सत्ताधारी टीएमसी का हिस्सा थे। अपने मामले तो खत्म करवाने में कामयाब रहे। वहीं मिलन प्रधान को लगा कि उनका मामला भी बंद हो गया है, क्योंकि उन्हें सरकार पर भरोसा था कि वह झूठ नहीं बोलेगी। इसी भरोसे में उन्होंने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन अचानक मामला फिर से खुल गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
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ममता बनर्जी के समर्थन पर क्या बोले जोशी?
उन्होंने आगे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से मिले समर्थन पर कहा,' मैं इसे समर्थन मिलने के बाद की गई गिरफ्तारी के तौर पर नहीं देखता। मेरा मानना है कि शुभेंदु अधिकारी ने यह सब पहले से ही प्लान किया था, क्योंकि उन्हें पता था कि मिलन प्रधान एक मजबूत उम्मीदवार हैं। उस रात उन्हें प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने उन पर नाम वापस लेने का दबाव डाला और रिश्वत देने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है? यही उनकी ताकत है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मिलन प्रधान को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एक पुराने कथित हत्या मामले में की गई है। यह घटना ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की पूर्व उम्मीदवार संचिता डे प्रधान की ओर से नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने के बाद हुई है। नामांकन वापस लेने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का एलान की थी।