संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी, एनआईए ने लिया रिमांड पर
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जिला अदालत ने एनआईए की अर्जी पर सुनवाई के बाद अब्दुल सिद्घिबापा से पूछताछ के लिये सात दिन का रिमांड दिया है। एनआईए ने रिमांड मांगते हुये कहा कि आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिये फंड इकट्ठा करने का आरोप है। इस सिलसिले में उससे पूछताछ करनी है।
मूल रूप से कर्नाटका निवासी सिद्धिबापा (32) को एनआईए ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश राकेश पंडित के समक्ष पेश किया। एनआईए के मुताबिक सिद्घिबापा दुबई में था। वह पाकिस्तान, यूएई आदि से आंतकी घटनाओं के लिए फंड की उगाही कर रहा था। वह इलैक्ट्रोनिक सपंर्क माध्यमों से आईएम के कई सदस्यों के संपर्क में था।
देश भर में हमलों की फिराक में थे
दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एनआईए के आरोपों का विरोध करते हुये कहा कि उनके मुव्वकिल का नाम एनआईए की किसी एफआईआर अथवा चार्जशीट में नहीं है।
एनआईए का दावा है कि सिद्घिबापा आईएम के सह-संस्थापक यासीन भटकल का चचेरा भाई है।
एनआईए ने सितंबर 2012 में आईएम के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। यह लोग स्लीपर सेल की तरह दिल्ली समेत देश भर में हमलों की फिराक में थे।
सिद्धिबापा के खिलाफ 6 नवंबर 2013 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया था और उसके बाद तीन दिसंबर 2013 को उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।