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Monkeypox In Kerala: मलप्पुरम में सामने आया मंकीपॉक्स का मामला, जांच के लिए भेजे गए नमूने
Tue, 17 Sep 2024 12:29 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 17 Sep 2024 12:29 PM IST
सार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ने बताया कि जुलाई 2022 से लेकर अबतक भारत में 30 मामले दर्ज किए गए। 26 वर्षीय हिसार के निवासी को पश्चिम अफ्रीकी क्लैड-2 के एमपॉक्स वायरस के लिए पॉजिटिव परीक्षण किया गया।
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मंकीपॉक्स
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल के मलप्पुरम जिले में मंकीपॉक्स संक्रमण का एक मामला सामने आया है। दरअसल, हाल ही में विदेश से लौटे एक व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण दिखे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति कुछ ही दिन पहले केरल आया था और बीमार हो गया। उसे पहले एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे बाद में मंजेरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि मरीज के नमूने को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, "उसे प्राइवेट अस्पताल से मंजेरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उहमने उसके नमूने को जांच के लिए कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फिलहाल परिणाम का इंतजार है।" पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम में मंकीपॉक्स का एक नया मामला सामने आया था। दरअलस, हरियाणा के हिसार का रहने वाला 26 वर्षीय व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में भर्तीय किया गया।
2022 से अबतक 30 मामले दर्ज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ने बताया कि जुलाई 2022 से लेकर अबतक भारत में 30 मामले दर्ज किए गए। 26 वर्षीय हिसार के निवासी को पश्चिम अफ्रीकी क्लैड-2 के एमपॉक्स वायरस के लिए पॉजिटिव परीक्षण किया गया। विश्व स्वास्थ्य संघठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले हफ्ते अफ्रीका में एमपॉक्स के प्रसार को देखते हुए इसे लेकर चिंता जताई और इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया।
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एमपॉक्स संक्रमण स्वसीमित होता है और मरीज आमतौर पर चिकित्सा देखभाल और प्रबंधन से ठीक हो जाते हैं। यह संक्रमित रोगी से नजदीकी संपर्क बनाने से फैलता है। बुखार, दाने और सूजी हुई लिम्फ नोड्स के तौर पर इसके लक्षण दिखाई देते हैं। हाल ही में नौ सितंबर को निपाह वायरस के कारण 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद मलप्पुरम में नियंत्रण क्षेत्र स्थापित किए जाने के बाद मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया। राज्य सरकार ने रविवार को पुष्टि की कि नौ सितंबर को जिस व्यक्ति की मौत हुई, वह निपाह वायरस से संक्रमित था। 2018, 2021 और 2023 में कोझिकोड जिले में और 2019 में एर्नाकुलम जिले में निपाह का प्रकोप देखा गया है। कोझिकोड, वायनाड, इडुक्की और एर्नाकुलम में चमगाजड़ों में निपाह वायरस एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता चला था।
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स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, "उसे प्राइवेट अस्पताल से मंजेरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उहमने उसके नमूने को जांच के लिए कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फिलहाल परिणाम का इंतजार है।" पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम में मंकीपॉक्स का एक नया मामला सामने आया था। दरअलस, हरियाणा के हिसार का रहने वाला 26 वर्षीय व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में भर्तीय किया गया।
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2022 से अबतक 30 मामले दर्ज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ने बताया कि जुलाई 2022 से लेकर अबतक भारत में 30 मामले दर्ज किए गए। 26 वर्षीय हिसार के निवासी को पश्चिम अफ्रीकी क्लैड-2 के एमपॉक्स वायरस के लिए पॉजिटिव परीक्षण किया गया। विश्व स्वास्थ्य संघठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले हफ्ते अफ्रीका में एमपॉक्स के प्रसार को देखते हुए इसे लेकर चिंता जताई और इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया।
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एमपॉक्स संक्रमण स्वसीमित होता है और मरीज आमतौर पर चिकित्सा देखभाल और प्रबंधन से ठीक हो जाते हैं। यह संक्रमित रोगी से नजदीकी संपर्क बनाने से फैलता है। बुखार, दाने और सूजी हुई लिम्फ नोड्स के तौर पर इसके लक्षण दिखाई देते हैं। हाल ही में नौ सितंबर को निपाह वायरस के कारण 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद मलप्पुरम में नियंत्रण क्षेत्र स्थापित किए जाने के बाद मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया। राज्य सरकार ने रविवार को पुष्टि की कि नौ सितंबर को जिस व्यक्ति की मौत हुई, वह निपाह वायरस से संक्रमित था। 2018, 2021 और 2023 में कोझिकोड जिले में और 2019 में एर्नाकुलम जिले में निपाह का प्रकोप देखा गया है। कोझिकोड, वायनाड, इडुक्की और एर्नाकुलम में चमगाजड़ों में निपाह वायरस एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता चला था।