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सुषमा ने पूरा किया पाक से आई एक बेटी का ख्वाब, बेटी बोली शुक्रिया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 May 2016 11:38 AM IST
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मशल का परिवार दो साल पहले भारत आया था।
- फोटो : एएनआई
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पाकिस्तान के हैदराबाद से दो साल पहले भारत आई 19 वर्षीय मशल महेश्वरी की मदद के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आगे आई हैं। 12वीं में 91 प्रतिशत मार्क्स आने के बाद भी मशाल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) में नहीं बैठ पाई थीं। मशल के माता-पिता डॉक्टर हैं और उनका भी सपना डॉक्टर बनने का ही है।
मशल के डॉक्टर बनने में सबसे बड़ी अड़चन यह आ रही थी कि वह न तो एनआरआई हैं और न ही पर्सन ऑफ इंडियन ऑरिजन (PIOs)। वह भारतीय नागरिक भी नहीं हैं। ऐसे में नियमानुसार वह AIPMT परीक्षा में नहीं बैठ सकीं। लेकिन सुषमा स्वराज के दखल के बाद मशल को कर्नाटक के कॉलेज में सीट ऑफर की गई है।
जानकारी के मुताबिक, सुषमा स्वराज ने खुद फोन कर मशाल को बताया कि उसका एडमिशन हो जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित लड़की से यह भी पूछा एडमिशन के लिए उनकी प्राथमिकता क्या है। इस पर मशल ने गुजरात या राजस्थान के किसी कॉलेज में एडमिशन के लिए कहा, लेकिन सुषमा ने उन्हें कर्नाटक के कॉलेज में सीट ऑफर की।
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मशल अपने माता-पिता के साथ इस समय जयपुर में रह रही हैं। हाल ही में उन्होंने मीडिया से गुहार लगाई थी कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं, लेकिन टेस्ट में नहीं बैठ पाई हैं। इसी के बाद सुषमा स्वराज मदद के लिए आगे आईं। मशल ने सुषमा स्वराज का शुक्रिया भी अदा किया है।
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मशल के डॉक्टर बनने में सबसे बड़ी अड़चन यह आ रही थी कि वह न तो एनआरआई हैं और न ही पर्सन ऑफ इंडियन ऑरिजन (PIOs)। वह भारतीय नागरिक भी नहीं हैं। ऐसे में नियमानुसार वह AIPMT परीक्षा में नहीं बैठ सकीं। लेकिन सुषमा स्वराज के दखल के बाद मशल को कर्नाटक के कॉलेज में सीट ऑफर की गई है।
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जानकारी के मुताबिक, सुषमा स्वराज ने खुद फोन कर मशाल को बताया कि उसका एडमिशन हो जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित लड़की से यह भी पूछा एडमिशन के लिए उनकी प्राथमिकता क्या है। इस पर मशल ने गुजरात या राजस्थान के किसी कॉलेज में एडमिशन के लिए कहा, लेकिन सुषमा ने उन्हें कर्नाटक के कॉलेज में सीट ऑफर की।
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मशल अपने माता-पिता के साथ इस समय जयपुर में रह रही हैं। हाल ही में उन्होंने मीडिया से गुहार लगाई थी कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं, लेकिन टेस्ट में नहीं बैठ पाई हैं। इसी के बाद सुषमा स्वराज मदद के लिए आगे आईं। मशल ने सुषमा स्वराज का शुक्रिया भी अदा किया है।