Sushasan Mahotsav: योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा पढ़ाएंगे सुशासन का पाठ, बताएंगे सफलता का राज!
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विस्तार
भाजपा की सरकारें केंद्र के साथ-साथ कई राज्यों में भी लगातार रिपीट हो रही हैं। गुजरात-मध्यप्रदेश की सरकारें लगभग दो-ढाई दशकों से सत्ता में जमी हुई हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी भाजपा ने प्रो इनकंबेंसी फैक्टर के सहारे लगातार सत्ता में आने में सफलता हासिल की है। केंद्र में भी भाजपा की सरकार लगातार दो बार (2014 और 2019 में) पूर्ण बहुमत के साथ आ चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी से यह दावा कर रहे हैं कि भाजपा तीसरी बार भी केंद्र में सरकार बनाने जा रही है। भाजपा के इस आत्मविश्वास का कारण क्या है?
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने माना था कि इस सफलता का राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में छिपा हुआ है। शेखर गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम आवास योजना, राशन योजना और पीएम किसान सम्मान निधि की लोगों तक पहुंच ने मोदी सरकार का रास्ता आसान बना दिया और वह विपक्षी दलों के आक्रामक हमले के बाद भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल रही। भाजपा इसे 'सुशासन' का नाम देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता इसी में छिपी हुई है कि उन्होंने तकनीक का बेहतर प्रयोग करके योजनाओं को उचित लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद हासिल की है। चार करोड़ प्रधानमंत्री आवास, 50 करोड़ के लगभग जनधन खाते, लगभग 8.16 करोड़ किसानों तक पीएम किसान निधि का पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने में केंद्र ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया है। यही कारण है कि देश के करोड़ों लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार के मिला है।
2019 के लोकसभा चुनाव की तरह ये लाभार्थी भाजपा के वोटर बनकर उभरें, तो किसी को आश्चर्य नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी का सत्ता में लगातार वापसी का आत्मविश्वास इसी कारण बना हुआ है।
सुशासन के इस तरीके से न केवल भ्रष्टाचार को कम करने में मदद मिली है, बल्कि उचित लाभार्थियों तक मदद पहुंचाकर उनका जीवन स्तर बेहतर करने में भी सफलता मिली है। इससे गरीबों का जीवन स्तर बेहतर होता है और उनके बेहतर नागरिक बनने के बाद देश के विकास में उनका योगदान भी मिलता है। यानी कल तक जो गरीब देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ बना हुआ था, उसे अच्छे जीवन स्तर पर लाकर देश के लिए एक 'असेट' बनाने में सफलता मिली है। किसी सुशासन का यह सबसे सफल परिणाम हो सकता है।
सुशासन महोत्सव
राम भाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के वाइस चेयरमैन विनय सहस्रबुद्धे ने बताया कि भाजपा की प्रमुख सोच में शामिल यह विचार अलग-अलग प्रदेशों की सरकारों ने अपने-अपने राज्यों में इस्तेमाल किया है। अब सुशासन के इसी विचार और इससे मिलने वाली सफलता को लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 9-10 फरवरी को सुशासन महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन लाल यादव और कई अन्य केंद्रीय मंत्री लोगों को इस कार्यक्रम में सुशासन के विषय में जानकारी देंगे।