एप टैक्सी ड्राइवरों की मनमानी: जगह देखकर कैंसल कर देते हैं बुकिंग, बढ़ा किराया देने को मजबूर हो रहे यात्री
लोकल सर्किल सर्वे ने अपने एक अध्ययन में पाया है कि कोरोना काल में कमजोर हुआ एप टैक्सी का व्यापार अब 70 फीसदी तक रिकवर कर चुका है। लोग आवागमन के लिए खूब तेजी के साथ एप टैक्सी की बुकिंग करना शुरू कर चुके हैं। लेकिन इसी के साथ यात्रियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। लोग बार-बार बुकिंग कैंसल होने और प्रतीक्षा अवधि बढ़ने से परेशान होने लगे हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक में एप टैक्सी सुविधा का दूसरा नाम बन चुकी है। टैक्सी लेने के लिए किसी स्टैंड तक जाने की आवश्यकता न रह जाने और अपनी मनचाही जगह से टैक्सी बुला लेने के कारण यह लोगों की पहली पसंद बनकर उभर रही है। लेकिन इस सुविधा के लिए अब लोगों को भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है। पीक टाइम में लोगों को सामान्य से 1.5 गुना तक किराया चुकाना पड़ रहा है। लगभग हर दूसरे (47%) ग्राहकों ने शिकायत की है कि किसी स्थान विशेष पर जाने की बुकिंग देखकर टैक्सी ड्राइवर बुकिंग कैंसिल कर देते हैं जिससे उन्हें परेशानी होती है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि नकद पैसा न देने की स्थिति में भी ड्राइवर बुकिंग कैंसल कर रहे हैं जिससे उन्हें असुविधा होती है।
लोकल सर्कल्स के सर्वे ने अपने एक अध्ययन में पाया है कि कोरोना काल में कमजोर हुआ एप टैक्सी का व्यापार अब 70 फीसदी तक रिकवर कर चुका है। लोग आवागमन के लिए खूब तेजी के साथ एप टैक्सी की बुकिंग करना शुरू कर चुके हैं। लेकिन इसी के साथ यात्रियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। लोग बार-बार बुकिंग कैंसल होने और प्रतीक्षा अवधि बढ़ने से परेशान होने लगे हैं। परिवहन नियमों के अनुसार इस तरह का कैंसिलेशन गलत होने और टैक्सी सेवा देने कंपनियों द्वारा हेल्पलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के बाद भी इस तरह की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।
एप टैक्सी के मामले में एक बेहद खतरनाक लापरवाही सामने आई है। कई ड्राइवर वाहन चलाने के उचित लाइसेंस न होने के बाद भी एप सर्विस के वाहनों को चला रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। इस बारे में बॉम्बे हाईकोर्ट में भी मामले संज्ञान में लाए जा चुके हैं, लेकिन इसमें अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
यात्रियों ने बताया, असुरक्षित हैं सार्वजनिक वाहन
सर्वे में शामिल 58 फीसदी टैक्सी यूजर्स ने माना है कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम एक बार एप टैक्सी सुविधाओं का उपयोग किया है, जबकि दो फीसदी ग्राहकों ने माना कि उन्होंने एक वर्ष में सौ बार से अधिक बार एप टैक्सी सेवाओं का उपयोग किया है। 27 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि असुरक्षित होने के कारण वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करना चाहते। 17 फीसदी ने कहा कि उनके पास निजी वाहन न होने के कारण वे सार्वजनिक वाहन इस्तेमाल करते हैं। 60 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि एप टैक्सी चालकों द्वारा मास्क पहनने और उनके व्यवहार से वे संतुष्ट हैं।
सर्ज प्राइसिंग के कारण परेशान
32 फीसदी यूजर्स ने कहा कि वे सर्ज प्राइसिंग के कारण परेशान होते हैं। 47 फीसदी यानी लगभग हर दूसरे उपभोक्ता ने कहा कि ड्राइवर बुकिंग कैंसल कर देते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। नौ फीसदी यूजर्स ने कहा कि बुकिंग करने के बाद वाहन के लिए उन्हें ज्यादा देर तक इंतजार करना पड़ा।