फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Survey on Pregnant women in six states shows terrible image of women during and after pregnancy

अच्छे दिनों के इंतजार में गर्भवती महिलाएं, प्रसव खर्च के लिए 30 फीसदी परिवारों को बेचनी पड़ी संपत्ति

Tue, 19 Nov 2019 07:23 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 19 Nov 2019 07:23 AM IST
सार

  • देश के छह राज्यों में हुए सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
  • 53 फीसदी महिलाएं डिलिवरी के दिन तक भी करती रहीं काम
  • सर्वे में शामिल महिलाओं की औसत वजन वृद्धि केवल सात किलो
  • यूपी में गर्भावस्था के दौरान जरूरतों पर बेहद कम ध्यान दिया गया

विज्ञापन
Survey on Pregnant women in six states shows terrible image of women during and after pregnancy
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

विदेश में यह बताने के बाद कि भारत में सब अच्छा है और सब बेहतर है, एक सर्वे ऐसा सामने आया है जो बताता है कि यहां सब ठीक नहीं है। देश के छह राज्यों के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली गर्भवती और हाल ही में मां बनी माताओं के बीच हुए एक सर्वे के नतीजे चौंकाने वाले हैं। इस सर्वे के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की स्थिति निराश करने वाली है। 

विज्ञापन


यह सर्वे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों और आंगनबाड़ी में जून 2016 में कराया गया था। इसके अनुसार 30 फीसदी परिवारों को प्रसव का खर्च उठाने के लिए अपनी संपत्ति बेचनी पड़ी, वहीं 63 फीसदी महिलाएं डिलिवरी के दिन तक खेतों या घरों में काम करती रहीं। कई महिलाओं का डिलिवरी के दिन तक वजन 40 किलो से भी कम था।

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में हालात सबसे खराब

सबसे ज्यादा निराशाजनक तस्वीर उत्तर प्रदेश की है। यहां गर्भावस्था के दौरान की जरूरतों पर बेहद कम ध्यान दिया गया। यूपी में 48 फीसदी गर्भवतियों को यह जानकारी भी नहीं थी कि इस दौरान उनका वजन बढ़ा या घटा। बच्चे को जन्म दे चुकीं 39 फीसदी माताओं को अपने वजन घटने या बढ़ने की जानकारी नहीं थी। वहीं, केवल 12 फीसदी महिलाओं ने माना कि उन्हें पौष्टिक भोजन मिल रहा है। 

13 से 18 किलो वजन बढ़ना चाहिए, बढ़ा सिर्फ सात

सामान्यत: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ता है। लेकिन अगर खानपान में लापरवाही होने पर इसमें कमी भी आ जाती है। चिकित्सक बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान आम तौर पर महिला का वजन 13 से 18 किलोग्राम तक बढ़ना चाहिए। लेकिन, सर्वे में शामिल महिलाओं की औसत वजन वृद्धि केवल सात किलो ही थी। वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा केवल चार किलो है। 

आधी महिलाओं को मिला ही नहीं मातृत्व लाभ

बता दें कि 31 दिसंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया था कि पूरे देश में गर्भवती महिलाओं को छह हजार रुपये का मातृत्व लाभ प्रदान किया जाएगा। लेकिन, हकीकत देखें तो इसका लाभ कुछ को ही मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री के एलान के बाद 2018-18 बजट में मातृत्व लाभ योजना के लिए 2700 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था। 

हालांकि, अगर जरूरत को देखें तो यह राशि काफी कम है और आंकड़े देखें तो हर महिला को थह हजार रुपये देने के लिए सालाना जरूरत होगी लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की। वहीं, एक आरटीआई का जवाब बताया है कि साल 2018-19 में इस योजना की पात्र महिलाओं में आधी आबादी को ही राशि मिली, वह भी थोड़ी-थोड़ी। वहीं, पहले बच्चे के जीवित होने की शर्त के चलते 55 फीसदी महिलाएं अपात्र हो गईं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed