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सूरत: सिमी का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार 122 लोगों को कोर्ट से मिली राहत, साक्ष्य के अभाव में बरी
Sat, 06 Mar 2021 08:26 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, सूरत
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Sat, 06 Mar 2021 08:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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गुजरात में सूरत की एक अदालत ने शनिवार को 122 लोगों को प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य तौर पर दिसंबर 2001 में यहां हुई एक बैठक में शामिल होने के आरोप से बरी कर दिया।
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इन सभी को गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए एन दवे की अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें बरी कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो गई थी।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन यह साबित करने के लिए ठोस, विश्वसनीय और संतोषजनक साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहा कि आरोपी सिमी से जुड़े हुए थे और प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एकत्र हुए थे।
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अदालत ने कहा कि आरोपियों को यूएपीए के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सूरत पुलिस ने 28 दिसंबर 2001 को कम से कम 127 लोगों को सिमी का सदस्य होने के आरोप में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था।
इन पर शहर के सगरामपुरा के एक हॉल में प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को विस्तार देने के लिए बैठक करने का आरोप था। बता दें, केंद्र सरकार ने 27 सितंबर 2001 को अधिसूचना जारी कर सिमी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इस मामले के आरोपी गुजरात के विभिन्न भागों के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। अपने बचाव में आरोपियों ने कहा कि उनका सिमी से कोई संबंध नहीं है और वह सभी अखिल भारतीय अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड के बैनर तले हुए कार्यक्रम में शामिल हुए थे।