{"_id":"5fb38d1d9d2a1a35b348491d","slug":"suprme-court-says-not-satisfied-with-centre-affidavit-on-pleas-over-media-reporting-of-tablighi-congregation","type":"story","status":"publish","title_hn":"तब्लीगी जमात पर मीडिया कवरेज को लेकर केंद्र के जवाब से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट, दी यह सलाह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तब्लीगी जमात पर मीडिया कवरेज को लेकर केंद्र के जवाब से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट, दी यह सलाह
Tue, 17 Nov 2020 02:15 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 17 Nov 2020 02:15 PM IST
विज्ञापन
तब्लीगी जमात
- फोटो : PTI
कोरोना वायरस महामारी के दौरान तब्लीगी जमात की मीडिया कवरेज को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। लेकिन कोर्ट ने केंद्र सरकार के हलफनामे को लेकर नाराजगी जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि सरकार को टीवी पर ऐसी सामग्री से निपटने के लिए एक नियामक तंत्र स्थापित करने पर विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि हम यह जानना चाहते हैं कि टीवी पर इस प्रकार की सामग्री से निपटने के लिए किस तरह की व्यवस्था है। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र को केबल टीवी नेटवर्क कानून के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के नियमन की प्रणाली से संबंधित नया हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि पहले आपने एक उचित हलफनामा दायर नहीं किया और फिर आपने एक ऐसा हलफनामा दायर किया जिसमें दो महत्वपूर्ण प्रश्नों का जवाब नहीं दिया गया है। हम आपके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: तब्लीगी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा: हाल के समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सर्वाधिक दुरुपयोग हुआ है
इस पीठ में जस्टिस ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि हम यह जानना चाहते हैं कि टेलीविजन पर इस तरह की सामग्रियों से निपटने के लिए किस तरह का तंत्र है। यदि कोई नियामक तंत्र नहीं है तो आप इसका निर्माण करें। विनियमन को एनबीएसए जैसे संगठन के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है।
पीठ जमीयत उलमा-ए-हिंद और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया कि महामारी की शुरुआत के दौरान तब्लीगी जमात पर मीडिया का एक वर्ग सांप्रदायिक नफरत फैला रहा था।
पीठ ने केंद्र को केबल टीवी नेटवर्क कानून के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के नियमन की प्रणाली से संबंधित नया हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई अब तीन सप्ताह बाद की जाएगी।