फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Courts big decision: The execution of the convict of murder of two sister brother and nephew changed to life imprisonment, hence the relief

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: तीन परिजनों की हत्या के दोषी की फांसी उम्रकैद में बदली, इसलिए मिली राहत

Sun, 12 Dec 2021 09:26 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 12 Dec 2021 09:26 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदलते हुए कहा कि अदालतों का कर्तव्य है कि केस पर विचार करते समय अपराधी की मानसिक स्थिति और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों पर भी विचार करें। 
 

विज्ञापन
Supreme Courts big decision: The execution of the convict of murder of two sister brother and nephew changed to life imprisonment, hence the relief
पीठ ने कहा, वर्चुअल सुनवाई जारी रखना परेशानी भरा है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश में संपत्ति विवाद को लेकर अपने दो भाई-बहनों व एक भतीजे की हत्या के दोषी को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को 30 साल की उम्रकैद में बदल दिया है। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने आरोपी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदलते हुए कहा कि अदालतों का कर्तव्य है कि केस पर विचार करते समय अपराधी की मानसिक स्थिति और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों पर भी विचार करें।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह अदालतों का दायित्व है कि वे आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना पर विचार करें। पीठ ने कहा कि स्थापित कानूनी स्थिति को देखते हुए आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना को ध्यान में रखना हमारा कर्तव्य है। 

विज्ञापन


पीठ ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है, जिससे यह पता चले कि दोषी व्यक्ति में सुधार की कोई संभावना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता सामाजिक व आर्थिक रूप से अक्षम है। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इसलिए उसे दुर्दात अपराधी नहीं माना जा सकता। उसका यह पहला व जघन्य अपराध है। जेल अधीक्षक के प्रमाणपत्र से पता चलता है कि कैद के दौरान उसका आचरण संतोषजनक रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed