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गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण पर 2 मई को होगी सुनवाई
Tue, 09 Apr 2019 08:33 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 09 Apr 2019 08:33 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट सामान्य वर्ग के गरीबों को नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले में 10 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर 2 मई को सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है, जिस पर सोमवार को शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई।
जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ को बताया गया कि रेलवे पहले ही 10 फीसदी आरक्षण के आधार पर नौकरियों के लिए विज्ञापन दे चुका है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि अगर 10 फीसदी आरक्षण के आधार पर नियुक्तियां की गईं, तो बाद में इसे बदलना बेहद मुश्किल होगा।
केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि संविधान संशोधन पर इस तरह से रोक नहीं लगाई जा सकती और कोर्ट पहले ही दो बार इससे मना कर चुका है। इस पर पीठ ने कहा कि हम इसका महत्व समझते हैं। धवन ने जब रेलवे के विज्ञापन का मुद्दा उठाया तो पीठ ने कहा कि हम कह सकते हैं कि ये नियुक्तियां इस मामले के नतीजे के दायरे में आएंगी।
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जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ को बताया गया कि रेलवे पहले ही 10 फीसदी आरक्षण के आधार पर नौकरियों के लिए विज्ञापन दे चुका है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि अगर 10 फीसदी आरक्षण के आधार पर नियुक्तियां की गईं, तो बाद में इसे बदलना बेहद मुश्किल होगा।
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केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि संविधान संशोधन पर इस तरह से रोक नहीं लगाई जा सकती और कोर्ट पहले ही दो बार इससे मना कर चुका है। इस पर पीठ ने कहा कि हम इसका महत्व समझते हैं। धवन ने जब रेलवे के विज्ञापन का मुद्दा उठाया तो पीठ ने कहा कि हम कह सकते हैं कि ये नियुक्तियां इस मामले के नतीजे के दायरे में आएंगी।
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Supreme Court says it will decide on May 2 whether it will stay the Constitutional amendment that gives 10 per cent reservation in jobs and education for economically weaker section (EWS) of the general category.
— ANI (@ANI) April 8, 2019