Supreme Court: कॉलेजियम की सिफारिशों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को चेताया, कहा-हमें मजबूर न करें
जस्टिस संजयकिशन कौल व जस्टिस अभय एस ओका की पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से केंद्र के रवैये पर नाराजगी जताई।
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सुप्रीम कोर्ट ने जजों के तबादले व नियुक्तियों में देरी पर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। शीर्ष अदालत ने कहा, हमें ऐसा कोई रुख अपनाने को मजबूर नहीं किया जाए, जो असुविधाजनक हो। कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी में देरी पर प्रशासनिक व न्यायिक दोनों तरह की कार्रवाई हो सकती है। इसे सुखद नहीं कहा जा सकता। इस पर, केंद्र ने आश्वस्त किया कि रविवार तक पांच नियुक्तियां हो जाएंगी।
जस्टिस संजयकिशन कौल व जस्टिस अभय एस ओका की पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से केंद्र के रवैये पर नाराजगी जताई। पीठ एडवोकेट्स एसोसिएशन, बंगलूरू की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
अनिर्णय बेहद गंभीर मामला
पीठ ने अटॉर्नी जनरल से कहा, केंद्र हाईकोर्ट के जजों के तबादले पर निर्णय नहीं ले रहा। यह बेहद नाजुक और गंभीर मामला है। ऐसे हालात में हमें कठिन निर्णय लेना होगा।
- एजी ने कहा, कोर्ट को कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इस पर काम हो रहा है।
- पीठ ने पूछा, काम हो रहा है तो कब पूरा होगा? चीजें सालों से ऐसी ही हैं।
- एजी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के लिए की सिफारिशों पर जल्द अमल हो जाएगा। रविवार तक नियुक्तियां हो सकती हैं। इस पर, पीठ ने केंद्र को सिफारिशों पर फैसला लेने के लिए एक सप्ताह का समय दे दिया।
दिसंबर में की थी सिफारिश
कॉलेजियम ने 13 दिसंबर, 2022 को जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस संजय करोल, जस्टिस पीवी संजय कुमार, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस मनोज मिश्र को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी।
31 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल और गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार को भी सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई थी।