{"_id":"58a0035c4f1c1b5a33d83cca","slug":"supreme-court-verdict-in-jaya-sasikala-corruption-case-in-a-week","type":"story","status":"publish","title_hn":"शशिकला के खिलाफ संपत्ति मामले में कल नहीं आएगा फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शशिकला के खिलाफ संपत्ति मामले में कल नहीं आएगा फैसला
एजेंसी
Updated Sun, 12 Feb 2017 01:18 PM IST
विज्ञापन
फाइलः शशिकला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता और अन्नाद्रमुक नेता वीके शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सोमवार को नहीं आएगा, क्योंकि यह मामला सोमवार के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है।
फैसला आगामी सप्ताह में किसी भी दिन सुनाया जा सकता है और छह फरवरी को न्यायमूर्ति पीसी घोष के नेतृत्व वाली एक पीठ के उस बयान के चलते इस बारे में अटकलों का बाजार गरम है, जिसमें उसने संकेत दिया था कि फैसला एक सप्ताह के भीतर सुनाया जाएगा। फैसले का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि अन्नाद्रमुक विधायक दल की नेता चुनी गई शशिकला ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के लिए दावा कर दिया है।
न्यायमूर्ति अमिताभ राय के साथ न्यायमूर्ति घोष ने गत वर्ष लंबी सुनवाई की थी और 19 वर्ष पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में सभी आरोपियों को बरी करने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने बंगलूरू की विशेष अदालत के 2014 के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें जयललिता को दोषी ठहराते हुए उन्हें चार वर्ष की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
विज्ञापन
जयललिता, शशिकला और उनके रिश्तदारों वीएन सुधाकरन और इलावरसी पर आरोप था कि उन्होंने जयललिता के 1991 से 1996 के बीच मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर 66.65 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति जुटाई। निचली अदालत ने उन्हें भी दोषी ठहराया और चार वर्ष की सजा सुनाने के साथ ही 10.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
उधर, सुप्रीम कोर्ट में शशिकला के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें मांग की गई है कि उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर तब तक शपथ ग्रहण करने से रोका जाए जब तब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसला नहीं आ जाता। मामला सुनवाई के लिए 17 फरवरी को सूचीबद्ध है।
विज्ञापन
फैसला आगामी सप्ताह में किसी भी दिन सुनाया जा सकता है और छह फरवरी को न्यायमूर्ति पीसी घोष के नेतृत्व वाली एक पीठ के उस बयान के चलते इस बारे में अटकलों का बाजार गरम है, जिसमें उसने संकेत दिया था कि फैसला एक सप्ताह के भीतर सुनाया जाएगा। फैसले का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि अन्नाद्रमुक विधायक दल की नेता चुनी गई शशिकला ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के लिए दावा कर दिया है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति अमिताभ राय के साथ न्यायमूर्ति घोष ने गत वर्ष लंबी सुनवाई की थी और 19 वर्ष पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में सभी आरोपियों को बरी करने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने बंगलूरू की विशेष अदालत के 2014 के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें जयललिता को दोषी ठहराते हुए उन्हें चार वर्ष की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
विज्ञापन
जयललिता, शशिकला और उनके रिश्तदारों वीएन सुधाकरन और इलावरसी पर आरोप था कि उन्होंने जयललिता के 1991 से 1996 के बीच मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर 66.65 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति जुटाई। निचली अदालत ने उन्हें भी दोषी ठहराया और चार वर्ष की सजा सुनाने के साथ ही 10.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
उधर, सुप्रीम कोर्ट में शशिकला के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें मांग की गई है कि उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर तब तक शपथ ग्रहण करने से रोका जाए जब तब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसला नहीं आ जाता। मामला सुनवाई के लिए 17 फरवरी को सूचीबद्ध है।