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SC: 'इस्राइल को हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों की आपूर्ति रोके केंद्र', सुप्रीम कार्ट में याचिका दायर

Wed, 04 Sep 2024 02:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 04 Sep 2024 02:46 PM IST
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Supreme Court Updates: PIL in SC seeks direction to Centre to halt export of arms military equipment to Israel
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह गाजा में संघर्ष में शामिल इस्राइल को हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों की आपूर्ति रोक दे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह इस्राइल को हथियार और अन्य सैन्य उपकरण निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों के लाइसेंस रद्द करे और नए लाइसेंस नहीं दे। वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें रक्षा मंत्रालय को पक्षकार बनाया गया है। 

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याचिका मे कहा गया है कि भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संधियों से बंधा हुआ है, जो भारत को युद्ध अपराधों के दोषी देशों को सैन्य हथियार नहीं देने के लिए बाध्य करते हैं, क्योंकि किसी भी निर्यात का उपयोग अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के गंभीर उल्लंघन के लिए किया जा सकता हैं।
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जनहित याचिका 11 लोगों ने दायर की है, जिसमें नोएडा के अशोक कुमार शर्मा भी शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम सहित कंपनियों द्वारा इस्राइल को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति, संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत के दायित्वों का उल्लंघन है। गाजा पर इजराइल के हमले में हजारों फलस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। इससे पहले हमास के बंदूकधारियों ने सात अक्टूबर 2023 की सुबह गाजा की सीमा पार करके इजराइल में धावा बोला और लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी।

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बार निकाय की मतदाता सूची को लेकर SC पहुंचे SCBA के पूर्व अध्यक्ष

एससीबीए के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आदिश सी. अग्रवाल ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से स्पष्टीकरण मांगा कि इस साल बार एसोसिएशन की नई मतदाता सूची तैयार होने के बाद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के पात्र कौन होंगे। आदिश सी. अग्रवाल ने कोलकाता में एक चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या मामले पर एक प्रस्ताव को लेकर एससीबीए अध्यक्ष कपिल सिब्बल के खिलाफ अपना विरोध जताया था। बता दें कि कपिल सिब्बल इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं। एससीबीए के पूर्व अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि वह और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के कुछ सदस्य सिब्बल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं और चाहते हैं कि शीर्ष अदालत यह स्पष्ट करे कि कौन सी मतदाता सूची वैध होगी। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में एससीबीए अध्यक्ष कपिल सिब्बल द्वारा जारी प्रस्ताव ने विवाद खड़ा कर दिया है। बार के प्रतिद्वंद्वी नेताओं ने कई आपत्तियां उठाई हैं, जिनमें एससीबीए की कार्यकारिणी समिति की कोई ऑनलाइन या भौतिक बैठक आयोजित किए बिना इसे जारी करने का आरोप भी शामिल है। हालांकि बाद में अग्रवाल ने सिब्बल को पत्र लिखकर प्रस्ताव वापस लेने को कहा।
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