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Supreme Court Update: दुष्कर्म के आरोपी की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, जानें क्या है पूरा मामला

Wed, 11 Mar 2026 11:59 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivam Garg Updated Wed, 11 Mar 2026 11:59 AM IST
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Supreme Court Updates: NCERT Controversy Samay Raina Delhi NCR Pollution Hearing Today Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई
सुप्रीम कोर्ट आज उस मामले की सुनवाई करेगा, जिसमें एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक आपत्तिजनक अध्याय प्रकाशित होने का मामला है। कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया है। वहीं कोर्ट आज एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें यूट्यूबर समय रैना और अन्य पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि इन यूट्यूबरों ने अपने शो में दुर्लभ स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) और दृष्टिहीन लोगों का मजाक उड़ाया।
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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में आज दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण के मामले की सुनवाई करेगा। अदालत इस पर यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही NGO द्वारा एक अन्य दायर याचिका पर भी सुनवाई होगी, जिसमें इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के मामलों में CBI जांच की मांग की गई है।
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दुष्कर्म के आरोपी की फांसी की सजा पर 'सुप्रीम' रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि इस मामले की अंतिम सुनवाई होने तक फांसी की सजा लागू नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ आरोपी अतुल निहाले की अपील पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उसकी सजा और दोष सिद्धि को बरकरार रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट से मंगाए जाएं। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आरोपी के बारे में सभी प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट 12 हफ्तों के भीतर पेश की जाए।

कोर्ट ने भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक से भी रिपोर्ट मांगी है कि आरोपी जेल में कैसा व्यवहार कर रहा है और वह वहां क्या काम कर रहा है। इसके अलावा भोपाल मेमोरियल अस्पताल और अनुसंधान केंद्र को आरोपी की मनोवैज्ञानिक जांच करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाने का निर्देश दिया गया है।अदालत ने यह भी अनुमति दी कि एनएएलएसएआर विधि विश्वविद्यालय से जुड़ी विशेषज्ञ देविका रावत आरोपी से मिलकर इंटरव्यू ले सकें और सजा से जुड़े पहलुओं पर एक रिपोर्ट तैयार करें। इन इंटरव्यू के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए जेल अधिकारियों को पास न रहने का निर्देश दिया गया है।

यह घटना सितंबर 2024 में भोपाल में हुई थी। बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी लापता है। पुलिस की तलाशी के दौरान ईदगाह हिल्स इलाके के एक फ्लैट के बाथरूम में प्लास्टिक के टैंक के अंदर बच्ची का शव मिला था। बाद में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था, जिसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 हफ्ते बाद होगी।
 
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