{"_id":"60530b0295a97b073229d5b2","slug":"supreme-court-to-take-up-for-hearing-the-rohingya-case-on-25th-march-lawyer-prashant-bhushan","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहिंग्याओं को शरणार्थी का दर्जा दिलाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रशांत भूषण, 25 को होगी सुनवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रोहिंग्याओं को शरणार्थी का दर्जा दिलाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रशांत भूषण, 25 को होगी सुनवाई
Thu, 18 Mar 2021 02:31 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Thu, 18 Mar 2021 02:31 PM IST
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहिंग्याओं को शरणार्थी का दर्जा दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद सलीमुल्ला की ओर से प्रशांत भूषण ने याचिका दायर कर हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए रोहिंग्याओं को रिहा करने, भारत से वापस न भेजने और उन्हें शरणार्थी का दर्जा दिए जाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 25 मार्च को सुनवाई करेगा।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह उस नई याचिका पर 25 मार्च को सुनवाई करेगा, जिसमें जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को फौरन रिहा करने और उन्हें म्यांमार प्रत्यर्पित करने वाले किसी भी आदेश को लागू करने से केंद्र को रोकने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर गौर किया कि हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार प्रत्यर्पित किया जा सकता है, जहां सेना ने तख्तापलट कर दिया है और हिंसा हो रही है। पीठ ने पहले कहा था कि इस मामले पर तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है। पीठ ने कहा कि ठीक है फिर हम 25 मार्च को रोहिंग्या मामले पर सुनवाई करेंगे। पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रह्मण्यम भी शामिल हैं।
विज्ञापन
Supreme Court to take up for hearing the Rohingya case on 25th March
— ANI (@ANI) March 18, 2021
बता दें कि 11 मार्च को एक अंतरिम याचिका दायर कर जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को तुरंत रिहा करने और केंद्र को उन्हें प्रत्यर्पित करने से रोकने का अनुरोध किया गया था। रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद सलीमुल्ला द्वारा वकील भूषण के जरिए दायर अर्जी में कहा गया कि भारत में शरणार्थियों के प्रत्यर्पण के खिलाफ सुरक्षा एवं संरक्षण के अधिकार के तहत जनहित में यह याचिका दायर की गई है।