फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court to hear case relating to sexual harassment against judges on November 15

Supreme Court: जजों के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में SC ने महासचिव से मांगा जवाब, 15 नवंबर को सुनवाई

Wed, 31 Aug 2022 05:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 31 Aug 2022 05:02 PM IST
सार

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने अदालत से कहा कि वह मामले में कुछ अतिरिक्त सामग्री रखना चाहती हैं। पीठ में न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति विक्रमनाथ भी शामिल रहे।

विज्ञापन
Supreme Court to hear case relating to sexual harassment against judges on November 15
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

जजों के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट ने महासचिव से जवाब भी मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने महासचिव से मौजूदा और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में जांच तंत्र से संबंधित एक मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। पीठ ने महासचिव को इस मुद्दे पर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पीठ ने इस मामले की सुनवाई के लिए अब 15 नवंबर की तारीख तय की है। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि वह न्यायिक अधिकारियों और वर्तमान तथा सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए प्रणाली बनाने की एक याचिका पर 15 नवंबर को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने शीर्ष अदालत के महासचिव से इस मामले के संबंध में न्यायपालिका द्वारा अपनाई जाने वाली मौजूदा प्रणाली पर उनका रुख रखने के लिए भी कहा है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने अदालत से कहा कि वह मामले में कुछ अतिरिक्त सामग्री रखना चाहती हैं। पीठ में न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति विक्रमनाथ भी शामिल रहे। पीठ ने मामले में निर्देश देने के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की। जयसिंह ने पीठ से कहा कि शीर्ष अदालत ने याचिका में एक आवेदन पर पहले नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि शीर्ष अदालत के महासचिव इस मुद्दे पर अदालत के समक्ष अपना रुख रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन


जयसिंह ने पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत ने पहले याचिका में एक प्रार्थना पर नोटिस जारी किया था। वरिष्ठ वकील ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि शीर्ष अदालत के महासचिव इस मुद्दे पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखें। पीठ ने शीर्ष अदालत के महासचिव की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह कह रही हैं कि जहां तक तंत्र का संबंध है, मामले में कुछ प्रगति हुई है। पीठ ने कहा कि आपको उनके अनुसार, आप जिस तंत्र का पालन करते हैं उसे भी रिकॉर्ड में रखना होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा है कि याचिका में प्रतिवादियों में से दो को पार्टियों के समूह से हटाया जा सकता है क्योंकि उनके खिलाफ किसी राहत का दावा नहीं किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed