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सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली सरकार को आदेश: 'शेख अली की गुमटी' को संरक्षित स्मारक घोषित करें, हटाएं अवैध कब्जा

Wed, 16 Jul 2025 05:34 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 16 Jul 2025 05:34 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लोधीकालीन स्मारक शेख अली की गुमटी को संरक्षित घोषित करने के लिए दिल्ली सरकार को दोबारा अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने डिफेंस कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को आदेश दिया कि वे दशकों पुराने अवैध कब्जे को खाली करें और 40 लाख रुपये का मुआवजा अदा करें।

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Supreme Court to Delhi govt Declare Lodhi-era Gumti of Shaikh Ali protected monument News In Hindi
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली में स्थित शेख अली की गुमटी को लेकर अहम निद्रेश दिया। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि वह लोधी काल के ऐतिहासिक स्मारक शेख अली की गुमटी को एक बार फिर अधिसूचना जारी कर संरक्षित स्मारक घोषित करे। बता दे कि यह मामला तब सामने आया जब कोर्ट ने डिफेंस कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को आदेश दिया कि वे इस ऐतिहासिक स्थल से अपने ढांचे हटाएं और 40 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग को दें। दावा किया जाता है कि ये लोग 1960 के दशक से इस स्थल पर कब्जा किए हुए थे।

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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अहसनुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने यह सुनवाई की। यह याचिका डिफेंस कॉलोनी के निवासी राजीव सूरी ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने शेख अली की गुमटी को प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित स्मारक घोषित करने की मांग की थी। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 2019 में उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
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हालांकि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही इस स्थल पर अतिक्रमण हटाने, अवैध कब्जा खत्म करने और स्मारक व उसके आसपास की सुंदरता बहाल करने के निर्देश दे रहा है। इसके बाद बुधवार को कोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को सही तरीके से नहीं लिखा गया बताया और उसे फिर से जारी करने को कहा। कोर्ट ने साफ कहा कि नई अधिसूचना जारी की जाए ताकि यह स्मारक कानून के तहत संरक्षित हो सके।
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स्मारक क्षेत्र में बने अवैध ढांचे तोड़ने का आदेश
कोर्ट ने निर्देश दिया कि स्मारक क्षेत्र में बने अवैध ढांचे तोड़े जाएं। कोर्ट कमिश्नर को स्थल का निरीक्षण कर अब तक हुए कार्यों की जानकारी देने को कहा गया। साथ ही पुरातत्व विभाग को स्मारक और उसके आसपास की जगह को संवारने और संरक्षित करने की योजना बनाने और उसे लागू करने के लिए कहा गया।


कोर्ट ने एमसीडी को लगाई फटकार
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी को फटकार लगाते हुए कहा कि वे अब तक स्मारक के पास दफ्तर चला रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें 48 घंटे का समय देते हुए पूरा स्थान खाली करने का अंतिम आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस स्थान पर मौजूद ताले से लेकर टेबल तक, सब हटा दें। 

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पहले भी कोर्ट ने दिए थे आदेश

गौरतलब है कि कोर्ट ने पहले भी एमसीडी और अन्य संस्थाओं को शेख अली की गुमटी के आसपास से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत एमसीडी और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को आदेश दिया गया कि वे अपने दफ्तर खाली करके जमीन एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) को सौंप दें।

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