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सुप्रीम कोर्ट: कर्जदारों को राहत की मांग वाली याचिका पर आज होगी सुनवाई
Fri, 11 Jun 2021 04:39 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 11 Jun 2021 04:39 AM IST
सार
- केंद्र द्वारा बैंकों और दूसरी वित्तीय कंपनियों को यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि 6 महीनों के लिए कर्जदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि लॉकडाउन जैसी पाबंदियों के कारण हर रोज कमाने वालों पर इसका बुरा असर हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें कोरोना महामारी की दूसरी लहर और लॉकडाउन के चलते कर्जदारों को आई दिक्कत और वित्तीय तनाव से बाहर निकालने के लिए केंद्र को प्रभावी और उपचारी कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की पीठ वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेंगे।
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याचिका में सभी बैंकों या वित्तीय संस्थानों को टर्म लोन पर ब्याज की छूट देने और कर्ज के इंस्टॉलमेंट भुगतान को 6 महीने या कोविड-19 की स्थिति सामान्य होने तक स्थगित करने के लिए केंद्र सरकार को दिशानिर्देश देने की मांग की गई है।
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इसके अलावा केंद्र द्वारा बैंकों और दूसरी वित्तीय कंपनियों को यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि 6 महीनों के लिए कर्जदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि लॉकडाउन जैसी पाबंदियों के कारण हर रोज कमाने वालों पर इसका बुरा असर हुआ है।
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याचिका में कहा गया है कि कर्जदारों का वित्तीय बोझ कम किया जाना चाहिए। वित्तीय नीतियां सरकार द्वारा बनाई जाती हैं लेकिन मौजूदा स्थिति में वित्तीय नीति से ज्यादा, लोगों के अस्तित्व का सवाल है और देश के लोगों को सम्मान और बिना किसी तनाव के जीना चाहिए।