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Supreme Court: शीर्ष अदालत ने लगाई तेलंगाना HC के आदेश पर रोक; एडिटर्स गिल्ड के सदस्यों की सुरक्षा और बढ़ी

Mon, 11 Sep 2023 06:21 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 11 Sep 2023 06:21 PM IST
सार

तेलंगाना हाई कोर्ट ने कृष्ण मोहन रेड्डी के चुनाव को रद्द करते हुए उन पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। साथ ही मुकदमे की लागत के लिए कृष्ण मोहन रेड्डी को 50,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

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Supreme Court stays Telangana High Court order declaring BRS MLA's election as void news and updates
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तेलंगाना के गडवाल विधानसभा सीट से विधायक बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष कोर्ट ने उनके चुनाव को शून्य घोषित करने वाले तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। रेड्डी की याचिका पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद शीर्ष कोर्ट ने ये आदेश दिया। साथ ही पीठ ने भाजपा नेता डीके अरुणा को भी नोटिस जारी किया। 

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बता दें कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने कृष्ण मोहन रेड्डी के चुनाव को रद्द करते हुए उन पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। साथ ही मुकदमे की लागत के लिए कृष्ण मोहन रेड्डी को 50,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अरुणा को दिसंबर, 2018 से पूर्वव्यापी प्रभाव से निर्वाचित घोषित किया था। हांलाकि, अदालत ने उनसे चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था। भाजपा नेता ने रेड्डी पर चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। 
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अरुणा ने हाई कोर्ट में दलील दी थी कि रेड्डी ने अपना चुनावी हलफनामा दाखिल करते समय अपनी संपत्तियों के बारे में जानकारी छिपाई थी। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस विधायक ने तेलंगाना में महबूबनगर जिले के पुदुर गांव में अपनी 24.09 एकड़ जमीन के विवरण का खुलासा नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रेड्डी ने अपनी पत्नी के बैंक खाते के विवरण के बारे में जानकारी का खुलासा नहीं किया था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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एडिटर्स गिल्ड के सदस्यों को मिली सुरक्षा
एडिटर्स गिल्ड के चार सदस्यों के खिलाफ मणिपुर सरकार द्वारा दर्ज कराए गए मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज दो मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा 15 सितंबर तक बढ़ा दी हैष ,साथ ही याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने को लेकर मणिपुर हाईकोर्ट से राय मांगी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह प्राथमिकियों को रद्द करने के पक्ष में नहीं है।साथ ही वह इस पर विचार कर रही है कि क्या उनकी याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जा सकता है या मणिपुर हाई कोर्ट को इस पर विचार करना चाहिए। 

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि ईजीआई की फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर कैसे दर्ज की गई। जबकि चारों जमीन पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं थे।

 

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