प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद कमलनाथ को राहत, चुनाव आयोग के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
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उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश विधान सभा की 28 सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा वापस लेने के निर्वाचन आयोग के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। इसके साथ ही चुनाव आयोग को मामले में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन पीठ से निर्वाचन आयोग के वकील ने कहा था कि कांग्रेस नेता कमलनाथ की याचिका अब निरर्थक हो गई है क्योंकि इन सीटों के लिए चुनाव प्रचार बंद हो गया है और वहां कल मतदान है।
Supreme Court stays Election Commission's revocation of Congress leader Kamal Nath's star campaigner status. pic.twitter.com/h8z0h34nWH
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 2, 2020
पीठ ने कहा, 'हम इस पर रोक लगा रहे हैं।' शीर्ष अदालत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा वापस लेने के निर्वाचन आयोग के 30 अक्तूबर के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। चुनाव में स्टार प्रचारकों का खर्च राजनीतिक दल वहन करता है, जबकि दूसरे प्रचारकों का खर्च प्रत्याशी को वहन करना होता है।
कमलनाथ की याचिका पर जल्द जवाब देगा चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि वह कमलनाथ की सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर जल्द से जल्द जवाब देगा। चुनाव आयोग ने कहा, 'माननीय सर्वोच्च अदालत सर्वोच्च है। चुनाव आयोग को इस मामले में जवाब दाखिल करने का मौका दिया गया है, जो जल्द से जल्द दाखिल किया जाएगा।'
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी याचिका में निर्वाचन आयोग का आदेश निरस्त करने के साथ ही न्यायालय से अनुरोध किया था कि संविधान में प्रदत्त बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्टार प्रचारकों या प्रचारकों द्वारा चुनाव के दौरान दिए जाने वाले भाषणों के बारे में उचित दिशा-निर्देश बनाए जाएं।
कमलनाथ ने याचिका में कहा था कि किसी व्यक्ति को स्टार प्रचारक के तौर पर नामित करना पार्टी का अधिकार है और आयोग पार्टी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। आयोग का निर्णय अभिव्यक्ति और आवागमन के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन है। आयोग नोटिस देने के बाद फैसला कर सकता है, लेकिन यहां कमलनाथ को कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
दरअसल, आयोग ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ उनके विवादित बयानों को लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके स्टार प्रचारक के दर्जे को खत्म कर दिया था। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान कई आपत्तिजनक बयान देने के आरोप लगे थे। बीते दिनों उन्होंने एक सभा में एक महिला नेता के संबंध में 'आइटम' शब्द का उपयोग किया था। इस पर काफी बवाल हुआ था।
सर्वोच्च न्यायालय सर्वोच्च है: आयोग
कांग्रेस नेता कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा वापस लेने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। आयोग ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय सर्वोच्च है। चुनाव आयोग को मामले में जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया है, जिसे जल्द से जल्द दाखिल किया जाएगा।
"Hon'ble Supreme Court is supreme. EC has been given an opportunity to file a reply in the matter, which shall be filed at the earliest": Election Commission of India https://t.co/GTfnXJ2ah6
— ANI (@ANI) November 2, 2020