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ईवीएम-वीवीपैट में विसंगति की गलत शिकायत पर सजा के प्रावधान को चुनौती, चुनाव आयोग को नोटिस
Mon, 29 Apr 2019 07:44 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 29 Apr 2019 07:44 PM IST
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ईवीएम व वीवीपीएटी में विसंगति की शिकायत झूठी पाए जाने पर छह महीने की सजा के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनील आह्या द्वारा दाखिल इस याचिका पर आयोग को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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याचिकाकर्ता ने उस प्रावधान को चुनौती दी है जिसकेतहत ईवीएम-वीवीपीएटी में विसंगति की शिकायत करने वाले की शिकायत झूठ निकलने पर उस व्यक्ति को जेल की सजा हो सकती है। याचिकाकर्ता ने इसे अपराध से मुक्त रखने की गुहार की है।
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मौजूदा कोड ऑफ इलेक्शन रूल्स की धारा-49 के तहत अगर कोई व्यक्ति यह शिकायत करता है कि ईवीएम से किसी एक खास पार्टी के पक्ष में वोट जा रहा है, तो ऐसी शिकायत की जांच में यदि यह दावा झूठा पाया गया तो उस व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा-177 (गलत जानकारी देना) के तहत मुकदमा चलेगा। इसके तहत 1000 रुपये का जुर्माना या छह महीने की जेल या दोनों सजा का प्रावधान है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह का प्रावधान होने से व्यक्ति शिकायत करने से डरता है। जबकि चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए इस तरह का दंडात्मक प्रावधान अनुचित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह अभिव्यक्ति के अधिकार के विपरीत है।