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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की संपत्तियों मांगा ब्यौरा, सुब्रत राय को पैरोल देने से किया इनकार

Thu, 28 Apr 2016 04:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Apr 2016 04:19 AM IST
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Supreme Court seeks details sahara properties

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को अपनी चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में देने के लिए कहा है। वास्तव में शीर्ष अदालत यह देखना चाहती है कि क्या संपत्तियां की बिक्री कर निवेशकों के पैसे लौटाए जा सकते हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को पैरोल देने से भी इनकार किया है। मालूम हो कि सुब्रत राय चार मार्च, 2014 से जेल में हैं।

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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को कहा कि हम यह जानना चाहते हैं कि सहारा समूह की कितनी संपत्तियां है और उनकी कीमत कितनी हैं। लिहाजा समूह को सीलबंद लिफाफे में चल व अचल संपत्तियों का ब्योरा देने के लिए कहा गया है।
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मालूम हो कि फिलहाल समूह की 66 संपत्तियों की बिक्री की कवायद चल रही है। इनसे करीब 6000 करोड़ रुपये हासिल होने की संभावना है। पीठ ने कहा कि इस रकम से तो सुब्रत राय की रिहाई तो संभव है लेकिन निवेशकों के पैसे वापस नहीं हो पाएंगे। अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
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 जेल की गर्मी नहीं झेल पाएंगे सुब्रत राय
सुब्रत राय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पीठ से कहा कि सहारा समूह प्रमुख की तबियत दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है, लिहाजा उन्हें पैरोल पर रिहा किया जाए या हाउस अरेस्ट कर दिया जाए।


उन्होंने कहा कि समूह की 66 संपत्तियों को बेचने की कवायद सेबी द्वारा जारी है। धवन ने कहा कि सुब्रत राय की तबियत बिगड़ती जा रही है और एक और गर्मी बर्दाश्त करना उनकेलिए मुश्किल है। इस पर पीठ ने कहा कि  हमारे आदेश का संतोषजनक पालन नहीं हुआ है, लिहाजा अभी राहत नहीं दी जा सकती।

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