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राज्य बताएं पराली जलाने से रोकने को उन्होंने क्या उपाय किए: सुप्रीम कोर्ट
Sun, 02 Aug 2020 11:14 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:14 AM IST
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पराली जलाते किसान
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकारों से पराली (फसलों के अवशेष) जलाने से रोकने को किए गए उपाय बताने को कहा है। इन राज्यों में पराली जलाने के कारण वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है।
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कोर्ट ने राज्यों से पिछले साल पराली जलाने की घटनाओं की जानकारी के साथ ही उनकी लोकेशन और इनके लिए जिम्मेदार किसानों की संख्या भी मांगी है ताकि इन इलाकों में पहले से ही पराली जलाने से रोकने के विशेष इंतजाम किए जा सकें। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
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जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, पराली जलाने के मामले में हम अगली तारीख पर डिजिटल बैठक के जरिये दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों से सुनना चाहेंगे कि उन्होंने इसे रोकने के क्या उपाय किए हैं। अब वक्त नजदीक आ रहा है, जब इसे जलाना शुरू किया जाएगा। साथ ही हलफनामा दायर कर यह भी बताएं कि पिछले साल पराली जलाने के कितने मामले थे। किन-किन स्थानों पर इसे जलाया गया और कितने किसान इसके जिम्मेदार थे।
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ताकि इस साल पहले से ही उन इलाकों में उचित प्रबंध किए जा सकें। पीठ ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि एएफसी इंडिया लिमिटेड ने खेतों में पराली जलाने की समस्या को खत्म करने की तकनीक विकसित कर ली है और संबंधित राज्यों को इस पहलू पर अपनी प्रतिक्रिया देने के साथ ही बताना चाहिए कि वे इसे जलाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाएंगे।