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किशोर न्याय कानून को प्रभावी ढंग से लागू कराए केंद्र, राज्य : सुप्रीम कोर्ट
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:18 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकारों को किशोर न्याय कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही बाल अधिकार संरक्षण से संबंधित राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आयोगों में खाली पड़े सभी पदों पर भर्तियां सुनिश्चित करने को भी कहा।
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने रिक्त पदों को जल्द और नियमों के मुताबिक भरने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि इसमें होने वाली किसी भी देरी का बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और इससे बचा जाना चाहिए। सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश किशोर न्याय (बाल कल्याण और सुरक्षा) कानून 2015 के प्रभावी अमल के लिए सुनवाई को खुद अपने पास रजिस्टर करवाएं।
पीठ ने सभी हाईकोर्ट से अपने यहां हर जिले में बच्चों के अनुकूल अदालतों और संवेदनशील गवाह अदालतों की स्थापना पर गंभीरता से विचार करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इसमें किशोर न्याय कानून और इसके नियमों के अमल की अपील की गई थी। याचिका में सरकारों द्वारा कल्याणकारी कदमों के अमल में उदासीनता का आरोप लगाया गया है।
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जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने रिक्त पदों को जल्द और नियमों के मुताबिक भरने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि इसमें होने वाली किसी भी देरी का बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और इससे बचा जाना चाहिए। सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश किशोर न्याय (बाल कल्याण और सुरक्षा) कानून 2015 के प्रभावी अमल के लिए सुनवाई को खुद अपने पास रजिस्टर करवाएं।
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पीठ ने सभी हाईकोर्ट से अपने यहां हर जिले में बच्चों के अनुकूल अदालतों और संवेदनशील गवाह अदालतों की स्थापना पर गंभीरता से विचार करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इसमें किशोर न्याय कानून और इसके नियमों के अमल की अपील की गई थी। याचिका में सरकारों द्वारा कल्याणकारी कदमों के अमल में उदासीनता का आरोप लगाया गया है।
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