फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court says HighCourt can not pass order under art 226 directing bank to grant OTS to borrower

सुप्रीम कोर्ट: हाईकोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत बैंक को कर्जदार को ओटीएस देने का निर्देश देने वाला आदेश पारित नहीं कर सकता

Thu, 16 Dec 2021 12:35 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 16 Dec 2021 12:35 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट  ने उच्च न्यायालय के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उसने अधिकार क्षेत्र से आगे निकल फैसला दिया है।

विज्ञापन
supreme court says HighCourt can not pass order under art 226 directing bank to grant OTS to borrower
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि हाई कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी वित्तीय संस्थान/बैंक को कर्जदार को सकारात्मक तरीके से एकमुश्त निपटान (ओटीएस) का लाभ देने का निर्देश देने वाला आदेश पारित नहीं कर सकता।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि एक कर्जदार अधिकार के रूप में इस तरह के लाभ की मांग नहीं कर सकता है, और एकमुश्त निपटान का अनुदान हमेशा ओटीएस योजना के तहत मानदंड और समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अधीन होता है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिजनौर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिजनौर द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर एक अपील पर आया, जिसमें अनुच्छेद 226 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बैंक को एकमुश्त निपटान के लिए उधारकर्ता के आवेदन पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए बैंक को निर्देश देने के लिए एक रिट जारी किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट  ने उच्च न्यायालय के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि उसने अधिकार क्षेत्र से आगे निकल फैसला दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी कर्जदार अधिकार के तौर पर एकमुश्त समाधान योजना का लाभ देने के लिए प्रार्थना नहीं कर सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed