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Supreme Court: सुपर स्पेशियलिटी की 1003 सीटें बर्बाद, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, केंद्र निकाले समाधान
Sun, 23 Apr 2023 04:52 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 23 Apr 2023 04:52 AM IST
सार
पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए कहा। पीठ ने कहा, याचिका से इस दुखद स्थिति का पता चलता है कि किसी के दाखिला नहीं लेने के कारण सुपर स्पेशियलिटी की 1003 सीटें बर्बाद हो गईं।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल की स्नातकोत्तर सीटों के खाली रहने पर निराशा जताई है। कोर्ट ने कहा, देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, ऐसे में सीटों का खाली रहना आदर्शपूर्ण स्थिति नहीं है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए कहा।
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पीठ ने कहा, याचिका से इस दुखद स्थिति का पता चलता है कि किसी के दाखिला नहीं लेने के कारण सुपर स्पेशियलिटी की 1003 सीटें बर्बाद हो गईं। पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, वह संबंधित प्राधिकारियों को इसका समाधान निकालने के लिए समझाएं।
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पीठ ने यह टिप्पणी उन छात्रों की याचिकाओं पर की, जिन्हें मेडिकल की सीटों पर दाखिला लेने के बाद सीटें छोड़ने की अनुमति दी गई थी। बाद में, इन सीटों को फिर से भर दिया गया था। इन छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों से अपने मूल दस्तावेज वापस लेने और फीस लौटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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पीठ ने दस्तावेज लौटाने की अनुमति दे दी, पर फीस वापसी की मांग पर फैसला टाल दिया। एएसजी भाटी ने बताया, केंद्र ने महानिदेशक-स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें राज्यों व निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों को भी जगह दी जाएगी।
जुलाई से पहले निकालें हल
पीठ ने यह भी नोट किया कि अगले शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले जुलाई 2023 से आरंभ होंगे। उन्होंने एएसजी भाटी से कहा कि सरकार की इस समिति को इससे पहले इस समस्या के किसी समाधान के साथ सामने आना चाहिए। पीठ ने मामले की सुनवाई चार जुलाई, 2023 को तय की है और उससे पहले केंद्र को स्थिति रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकारों का कर सकते हैं इस्तेमाल
पीठ ने कहा, इस मामले की विशेष स्थिति और तथ्यों को देखते हुए कोर्ट, इसे उदाहरण बनाए बिना, संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर निर्देश जारी करने के लिए तैयार है।
विशेष मॉप अप राउंड की भी अनुमति
कोर्ट ने कहा कि मेडिकल काउंसिल समिति चाहे तो इस मामले में सीटों को भरने के लिए विशेष मॉप अप राउंड का आयोजन कर सकती है।
कड़े नियमों को चुनौती
कुछ छात्रों ने सुपर स्पेशियलिटी सीटों पर दाखिले के बाद सीटों को खाली करने या दूसरी विशेषज्ञता चुनने पर प्रतिबंध से संबंधित कड़े नियमों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। इस मामले में भारी-भरकम जुर्माना लगाए जाने को भी चुनौती दी गई है।
सुपर स्पेशियलिटी सीटें राष्ट्रीय संपदा
छह अप्रैल को सुनवाई के दौरान एएसजी भाटी ने कहा था, मेडिकल की सुपर स्पेशियलिटी सीटें बहुमूल्य और राष्ट्रीय संपदा हैं। इन्हें खाली नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया था कि विशेषज्ञता बदलने के अनुरोध पर जुर्माने के अधिकांश प्रावधान हटा दिए गए हैं।