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विदेशी लॉ फर्म भारत में नहीं कर सकती प्रैक्टिस, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

Wed, 14 Mar 2018 02:46 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Wed, 14 Mar 2018 02:46 AM IST
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Supreme Court rules Foreign law firm can not practice in India upheld madras high court verdict
supreme court
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि विदेशी लॉ फर्मों को भारत में ऑफिस खोलने और अदालतों में प्रैक्टिस करने की इजाजत नहीं है, लेकिन वे यहां अपने क्लाइंट को विदेशी कानून के बारे में सलाह देने के लिए अस्थायी तौर पर आ सकते हैं। इसके अलावा उन्हें अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन के मामलों में भी यहां आने की अनुमति होगी। 
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यूयू ललित की खंडपीठ ने विदेशी लॉ फर्मों के मामले में सुनवाई करते हुए उनकी गतिविधियों को संचालित करने को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को नियम बनाने का भी निर्देश दिया।
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पीठ ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के 21 फरवरी 2012 के फैसले को कुछ बदलावों के साथ बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने एके बालाजी बनाम बीसीआई एवं अन्य के मामले में फैसला दिया था कि विदेशी लॉ फर्में अस्थायी तौर पर यहां अपने क्लाइंटों को विदेशी कानून के बारे में सलाह दे सकती हैं। 
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शीर्ष अदालत ने कहा कि विदेशी वकील यहां अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन में भाग लेने आ सकते हैं लेकिन उन पर प्रैक्टिस करने के संबंध में बीसीआई के नियम लागू होंगे। उन्हें आर्बिट्रेशन के नियमों का भी पालन करना होगा। पीठ ने एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के उस नियम को भी बदल दिया जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन में विदेशी वकीलों को प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई गई थी।

पक्ष में है केंद्र सरकार

Supreme Court rules Foreign law firm can not practice in India upheld madras high court verdict
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बीसीआई ने दायर की थी अपील

मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। उसकी दलील थी कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के अनुसार भारत में केवल उन्हीं वकीलों को प्रैक्टिस करने की अनुमति है जो राज्यों के बार काउंसिल में पंजीकृत हैं। वह विदेशी वकीलों के प्रैक्टिस करने के खिलाफ नहीं है लेकिन भारतीय वकीलों को भी विदेश में यह हक मिलना चाहिए।

पक्ष में है केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट में इस साल जनवरी में इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने विदेशी वकीलों को यहां प्रैक्टिस करने के पक्ष में राय जाहिर की थी। सरकार ने बीसीआई को विधि क्षेत्र को विदेशी वकीलों के लिए खोलने के संबंध में नियम बनाने पर विचार करने को कहा था।
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