फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court reserves judgement in Tata-Mistry case

सुप्रीम कोर्ट ने टाटा-मिस्त्री मामले में सुरक्षित रखा फैसला, जानिए क्या है विवाद

Thu, 17 Dec 2020 09:49 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 17 Dec 2020 09:49 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court reserves judgement in Tata-Mistry case
रतन टाटा, साइरस मिस्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
उच्चतम न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी के आदेश के खिलाफ टाटा संस प्राइवेट लि. और साइरस इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लि. दोनों की याचिकाओं पर अपना फैसला गुरुवार को सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अपने आदेश में साइरस मिस्त्री को 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करने का आदेश दिया था। टाटा संस ने एनसीएलएटी के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी।साइरस इंवेस्टमेंट्स ने टाटा की याचिका के खिलाफ याचिका दी थी। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायाधीश ए एस बोपन्ना और न्यायाधीश वी रामासुब्रमणियम की पीठ ने दोनों पक्षों से विषय वर्गीकरण ब्योरा के साथ लिखित में निवेदन देने को कहा। वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये हुई सुनवाई के दौरान शपूरजी पलोनजी (एस पी) समूह ने दावा किया कि अक्तूबर, 2016 में टाटा संस के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटाए जाने में कंपनी कामकाज के नियमों और गठन उद्देश्य तथा कंपनी कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


टाटा का दावा, नियमों के तहत हुई कार्रवाई 
टाटा ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि मिस्त्री को हटाए जाने के मामले में कुछ भी गड़बड़ी नहीं हुई और जो भी कदम उठाए गए, वह उसके अधिकारों के अंतर्गत आते थे। शीर्ष अदालत ने 10 जनवरी को टाटा समूह को राहत देते हुए एनसीएलएटी के पिछले साल 18 दिसंबर के आदेश पर रोक लगा दी थी। आदेश में मिस्त्री को टाटा समूह का कार्यकारी चेयरमैन बहाल किए जाने को कहा गया था।


क्या था मामला 
मिस्त्री ने 2012 में टाटा संस के चेयरमैन के रूप में रतन टाटा का स्थान लिया था, लेकिन चार साल बाद 24 अक्तूबर, 2016 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।

न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश के चुनौती देने वाली साइरस मिस्त्री की अपील (क्रॉस अपील) पर 29 मई को टाटा संस और अन्य को नोटिस जारी किया था। मिस्त्री की अपील के अनुसार, वह कंपनी में अपने परिवार की हिस्सेदारी के बराबर प्रतिनिधित्व चाहते हैं। उनके परिवार की टाटा समूह में 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed