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SC: पंजाब सरकार को सुप्रीम फटकार-अपने लिए घर बना रहे, न्यायिक बुनियादी ढांचा तक नहीं

Sat, 15 Nov 2025 05:42 AM IST
लव गौर अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: लव गौर Updated Sat, 15 Nov 2025 05:42 AM IST
सार

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के बार-बार निर्देश के बावजूद बुनियादी ढांचा भी सृजित करने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की। शीर्ष अदालत ने कहा कि न्यायपालिका के लिए केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए धन का उपयोग राज्य के अधिकारी कहीं और कर रहे हैं।

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Supreme Court reprimanded Punjab AAP government
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब में आप के नेतृत्व वाली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि न्यायपालिका के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने के बजाय अपने लिए आवास बनवाए जा रहे हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के बार-बार निर्देश के बावजूद बुनियादी ढांचा भी सृजित करने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की। शीर्ष अदालत ने कहा कि न्यायपालिका के लिए केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए धन का उपयोग राज्य के अधिकारी कहीं और कर रहे हैं।
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जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, अगर हम जांच का आदेश देते हैं, तो पता चलेगा कि उन्होंने केंद्रीय अनुदान को पहले ही अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च कर दिया है। वे अपने लिए मकान बना रहे हैं, लेकिन अदालतें नहीं बना सकते। शीर्ष अदालत पंजाब सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य के नवगठित मलेरकोटला जिले में न्यायिक अधिकारियों के लिए उचित न्यायिक बुनियादी ढांचे और पारगमन आवास बनाने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई थी।
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पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने कहा कि राज्य ने मलेरकोटला के न्यायाधीशों के लिए पद और सुविधाएं सृजित की गई हैं और आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि राज्य सरकार की उच्च न्यायालय की ओर से की गई आलोचना अनुचित और अवांछित थी। उन्होंने आगे कहा कि उच्च न्यायालय के समक्ष मुद्दा मलेरकोटला में एक अदालत की स्थापना तक ही सीमित था। 
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केंद्र से धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी जगह आवंटित नहीं करते
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सिंघवी से कहा, आपको नहीं पता कि पंजाब राज्य में क्या हो रहा है। मैं राज्य को अच्छी तरह जानता हूं। अगर केंद्र की ओर से धनराशि स्वीकृत भी कर दी जाती है, तो भी वे जगह आवंटित नहीं करते। उनके पास कई अन्य चीजों पर खर्च करने के लिए पर्याप्त धन है। शीर्ष अदालत ने अदालतों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की योजना बनाए बिना नए जिले बनाने के पीछे राज्य सरकार के तर्क पर भी सवाल उठाया।
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