फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar to Address UN General Assembly on September 26 Amid Global Tensions

कब होगा जयशंकर का संबोधन?: संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के सामने रखेंगे भारत की बात, देंगे अहम संदेश

Sat, 05 Sep 2026 10:16 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 05 Sep 2026 10:16 AM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर जल्द ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में दुनिया के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस बार उनका भाषण ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर कई बड़े संघर्ष और कूटनीतिक तनाव जारी हैं। 193 देशों के इस मंच पर जयशंकर भारत का पक्ष किस तरह रखेंगे? क्या उनका संबोधन वैश्विक संकटों और भारत की प्राथमिकताओं पर कोई बड़ा संदेश देगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं....

विज्ञापन
Jaishankar to Address UN General Assembly on September 26 Amid Global Tensions
वैश्विक तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत रखेगा अपना पक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर की दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में संबोधित करेंगे। यह संयुक्त राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंचों में से एक है, जहां दुनिया के 193 देशों के नेता और प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हैं। जयशंकर पिछले साल भी संयुक्त राष्ट्र के मंच से दुनिया के नेताओं को संबोधित कर चुके हैं। इस बार उनका भाषण ऐसे समय होगा, जब कई देशों के बीच तनाव और संघर्ष जारी हैं।
विज्ञापन

कब से शुरू होगा संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र?

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर से शुरू होगा। उच्चस्तरीय आम बहस 22 से 28 सितंबर तक चलेगी। परंपरा के अनुसार 22 सितंबर को ब्राजील सबसे पहले संबोधित करेगा और उसके बाद अमेरिका का नंबर होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भाषण देंगे। यह उनके दूसरे कार्यकाल में महासभा को दिया जाने वाला दूसरा संबोधन होगा।
विज्ञापन

इस बार महासभा में किन मुद्दों पर रहेगा जोर?

इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कई महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। इनमें विकास के अधिकार की घोषणा के 40 वर्ष पूरे होने पर बैठक, जलवायु कार्रवाई और न्यायपूर्ण बदलाव पर चर्चा शामिल है। समुद्र के बढ़ते जलस्तर से पैदा हो रहे गंभीर खतरों, महामारी से निपटने की तैयारी और परमाणु हथियारों के पूरी तरह खत्म किए जाने के अंतरराष्ट्रीय दिवस से जुड़ी बैठक भी होगी। इस दौरान दुनिया के सामने मौजूद सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जयशंकर का भाषण क्यों अहम माना जा रहा है?

इस बार महासभा का सत्र ऐसे दौर में हो रहा है, जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। इनपुट के अनुसार, अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा युद्ध वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार जारी व्यवधान से खाद्य और ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर विकासशील और गरीब देशों पर भी पड़ रहा है। ऐसे माहौल में जयशंकर के संबोधन पर दुनिया की नजर रहेगी।

महासभा सत्र में और कौन-कौन से नेता संबोधित करेंगे?

बांग्लादेश और नेपाल के सरकार प्रमुख 24 सितंबर को आम बहस को संबोधित करेंगे, जबकि पाकिस्तान 25 सितंबर को अपनी बात रखेगा। इस साल का सत्र मौजूदा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के लिए आखिरी उच्चस्तरीय महासभा सत्र होगा। उनका दूसरा पांच साल का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है और इस बार इस बात पर खास नजर है कि क्या 80 साल पुराने वैश्विक संगठन को पहली बार कोई महिला महासचिव मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed