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पीओके और गिलगित को लोकसभा सीट घोषित करने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में खारिज, याचिकाकर्ता पर जुर्माना

Mon, 01 Jul 2019 05:17 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 01 Jul 2019 05:17 PM IST
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Supreme Court rejects PIL to declare PoK, Gilgit as LS Seats and imposes rs 50K on ex RAW official
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) और गिलगित को लोकसभा सीट घोषित किए जाने की मांग की गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले पूर्व खुफिया अधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व अधिकारी राम कुमार यादव द्वारा दायर की गई इस जनहित याचिका को लायक नहीं बताते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर ऐसी याचिका दायर करने के लिए जुर्माना लगाया।
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पीठ ने राम कुमार से कहा, 'क्या यह एक याचिका है? आप दिल्ली में रह रहे हैं। पाक अधिकृत कश्मीर में आपकी क्या रुचि है?' पीठ में गोगोई के अलावा न्यायाधीश दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस भी शामिल थे। 
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वहीं, राम कुमार के वकील ने कहा कि ये दोनों स्थान (पीओके और गिलगित) आधिकारिक रूप से भारत का हिस्सा हैं। याचिका में एक तथ्य का हवाला दिया गया था कि पीओके और गिलगित क्षेत्र भारत के पास हैं और इस क्षेत्र में 24 विधानसभा सीटें हैं। 


यादव के वकील ने कहा कि इस आधार पर केंद्र और अन्य अधिकारियों को यह निर्देश दिया जाना चाहिए कि पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित को संसदीय सीट घोषित किया जाए। 

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