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सुप्रीम कोर्ट ने दिया कांग्रेस को झटका, राज्यसभा चुनाव में NOTA पर रोक लगाने से किया इंकार

Thu, 03 Aug 2017 12:02 PM IST
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल Updated Thu, 03 Aug 2017 12:02 PM IST
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Supreme Court refuses to stay plea on NOTA option, congress plea rejected
supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी को झटका देते हुए गुजरात में राज्यसभा चुनाव में नोटा के प्रयोग को लेकर के तत्काल रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि चुनाव आयोग द्वारा नोटा का विकल्प देना गलत है और इस पर रोक लगाने के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

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सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इंकार करने के साथ ही चुनाव आयोग को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। 
 


गुजरात में राज्यसभा की सीटों पर होने जा रहे चुनाव में नोटा के विकल्प पर जारी विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था तीन साल से लागू है। आयोग ने कहा कि साल 2013 में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर आयोग ने जनवरी 2014 में ही राज्य सभा और फिर राज्यों की विधान परिषदों में भी मतपत्र पर नोटा का विकल्प मुहैया करा दिया था।
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आयोग में कांग्रेस ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर पहली बार मतपत्र पर नोटा का विकल्प मुहैया कराने की शिकायत दर्ज करायी है। कांग्रेस का आरोप है कि गुजरात में राज् सभा की तीन सीटों पर होने जा रहे चुनाव में उम्मीदवारों को हराने के लिये केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने क्रास वोटिंग कराने के मकसद से यह व्यवस्था लागू की है।
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इससे उपजे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुये आयोग द्वारा आज जारी आधिकारिक जानकारी में कहा गया कि सितंबर 2013 में उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्यसभा चुनाव में मतदाताओं को नोटा का विकल्प मुहैया कराने का आदेश जारी किया गया था।

इसके अनुपालन में आयोग ने सभी राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य निवार्चन अधिकारियों से 11 अक्तूबर 2013 को उनके राज्य में राज्यसभा चुनाव के मतपत्रों में नोटा विकल्प शामिल करने को कहा गया था।

इसके बाद राज्यसभा चुनाव में नोटा के विकल्प को लेकर उत्पन्न हुये भ्रम को दूर करते हुये आयोग ने 24 जनवरी 2014 को एक बार फिर सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस आशय का फैसला लागू करने के लिये कहा।

आयोग ने मतपत्र में नोटा विकल्प को शामिल करने इसके इस्तेमाल और मतगणना संबंधी जरूरी अनुदेश भी जारी कर दिये। इसके बाद आयोग ने नवबंर 2015 में नोटा विकल्प राज्यों के विधान परिषद चुनाव में भी मुहैया कराने की व्यवस्था लागू कर दी। आयोग ने फरवरी 2014 से अब तक हुये सभी राज्य सभा चुनाव में नोटा का विकल्प मुहैया कराने का ब्योरा जारी किया है।


साल 2014 में राज्यसभा के तीन द्विवार्षिक चुनावों, 2015 में चार और साल 2016 में दो चुनावों में नोटा विकल्प मुहैया कराया गया है। साथ ही आयोग ने इस अवधि में राज्यसभा की विभिन्न सीटों के लिये 25 उपचुनावों में भी नोटा विकल्प मुहैया कराने की बात कही है।

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