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स्वामी चक्रपाणि को झटका: हिंदू महासभा नहीं लड़ पाएगी चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से किया इनकार
Mon, 07 Feb 2022 01:17 PM IST
संजीव कुमार झा
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 07 Feb 2022 01:17 PM IST
सार
चुनाव लड़ने की अनुमति देने वाली याचिका पर अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि को दिल्ली हाईकोर्ट के बाद आज सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
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स्वामी चक्रपाणी
- फोटो : ANI
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विस्तार
चुनावी मैदान में उतरने के लिए दी गई याचिका पर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि को दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। दरअसल, इस याचिका में चक्रपाणी ने कोर्ट से कहा था कि वे चुनाव आयोग (Election Commision) को निर्देश दें कि अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को भी कई प्रदेशों में होने वाले अगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति दे।
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न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पार्टी के भीतर लड़ाई है और कई लोग महासभा के अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं, ऐसे में कोर्ट कोई फैसला नहीं ले सकता है। बता दें कि स्वामी चक्रपाणि की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को स्वीकार करने का शीर्ष न्यायालय से अनुरोध किया था।
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दीवानी अदालत में मामले को सुलझाने का सुझाव
न्यायमूर्ति बनर्जी ने दीवानी अदालत में इस मामले को सुलझाने का सुझाव दिया। दरअसल, दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका के अनुसार, चक्रपाणि को अखिल भारत हिंदू महासभा राजनीतिक दल के अध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई थी, लेकिन इसने दावा किया कि चुनाव आयोग ने कुछ ही दिनों बाद मान्यता वापस ले ली।
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विस्तार से पढ़ें क्या कही गई थी याचिका में
याचिका में चुनाव आयोग को स्वामी चक्रपाणि की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की सूची को मान्यता देने और याचिकाकर्ता और अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को कई राज्यों में विधानसभा चुनावों में भाग लेने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। इसमें कहा गया था कि अखिल भारत हिंदू महासभा भारत के चुनाव आयोग द्वारा प्रमाणित एक पंजीकृत राजनीतिक दल है क्योंकि यह भारत के सबसे पुराने राजनीतिक दलों में से एक है। इसने दावा किया कि चक्रपाणि को पहली बार 2006 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।