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सुप्रीम कोर्ट: अभिनेत्री कंगना रनौत के सोशल मीडिया पोस्ट को सेंसर करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से कोर्ट का इनकार, जानिए पूरा मामला
Fri, 21 Jan 2022 07:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 21 Jan 2022 07:22 PM IST
सार
जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत एक वकील चंद्रजीत सिंह चंद्रपाल द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में पुलिस में पहले ही शिकायत दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है।
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कंगना रणौत
- फोटो : instagram/kanganaranaut
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें अभिनेत्री कंगना रनौत के सोशल मीडिया पोस्ट को सेंसर करने की मांग की गई थी। कंगना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में विरोध करने वाले सिख किसानों को 'खालिस्तानी आतंकवादी' कहा था।
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जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत एक वकील चंद्रजीत सिंह चंद्रपाल द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में पुलिस में पहले ही शिकायत दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है।
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पीठ ने याचिकाकर्ता की उस प्रार्थना पर भी विचार करने से इनकार कर दिया कि अभिनेता कंगना के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज मुकदमों को क्लब कर खार पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के साथ जोड़ दिया जाए। पीठ ने कहा कि इस तरह की प्रार्थना या तो आरोपी या शिकायतकर्ता या राज्य द्वारा दायर की जा सकती है न कि तीसरे पक्ष के द्वारा।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि कंगना के बयान से सिख समुदाय के लोगों को ठेस पहुंची है। इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम समुदाय की संवेदनशीलता का सम्मान करते हैं, कृपया इसे अन्यथा न लें।' जस्टिस चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ता वकील से कहा, 'उन्होंने(कंगना) जो कहा है, उसे हवा देकर अब इसका राजनीतिकरण न करें। उन्होंने जो कहा है, उसे सार्वजनिक करके आप अपने उद्देश्य का नुकसान कर रहे हैं। आप जितना अधिक इसे प्रचारित करेंगे , उतना ही अधिक आप उसके उद्देश्य को पूरा करेंगे।'