{"_id":"5d08833b8ebc3e5ea10c33d7","slug":"supreme-court-refused-to-pass-any-order-on-the-petition-seeking-to-provide-security-to-doctors","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट से हड़ताली डॉक्टरों को झटका, सुरक्षा वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट से हड़ताली डॉक्टरों को झटका, सुरक्षा वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार
Tue, 18 Jun 2019 12:00 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:00 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के लिए सुरक्षा प्रदान करने की मांग वाली याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मामले को छुट्टी के बाद एक उपयुक्त बेंच के पास सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
The IMA (Indian Medical Association) has filed an IA (Intervention Application) and supported the cause of the petitioner, Alakh Alok Srivastava in the case. https://t.co/En0BMO09fs
— ANI (@ANI) June 18, 2019
कोर्ट का कहना है कि डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में अपनी हड़ताल वापस ले ली है, ऐसे में याचिका पर सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने से इंकार किया, लेकिन कहा कि वह चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दे का अभी निपटारा नहीं कर रहा है।
देशभर के अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भी न्यायालय पहुंचा। आईएमए ने हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है। साथ ही आईएमए ने इस मामले में याचिकाकर्चा अलक आलोक श्रीवास्तव द्वारा बताए गए कारणों का समर्थन किया है।
बता दें इससे पहले जस्टिस दीपक गुप्ता और सूर्यकांत की अवकाश पीठ ने सोमवार को याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग के बाद इसे मंगलवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी। इस याचिका में सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्देश देने की मांग भी की गई है।