Supreme Court Hackathon: सुप्रीम कोर्ट का अनूठा 'हैकेथॉन', केस दायर और सूचीबद्ध करने के बारे में मांगे सुझाव
हैकेथॉन में शीर्ष कोर्ट की कार्य प्रणाली में सुधार के लिए संबंधित पक्षों की राय मांगी गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि यह आयोजन जस्टिस संजय किशन कौल की देखरेख और मार्गदर्शन में होगा।
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सुप्रीम कोर्ट में केस दायर करने (Filing) और सूचीबद्ध (Listing) करने की प्रक्रिया में सुधार की मंशा से 'हैकेथॉन' का अनूठा आयोजन कर रही है। इसमें शीर्ष कोर्ट की इन प्रक्रियाओं में दक्षता लाने के लिए विचार व सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इससे शीर्ष कोर्ट में केस दायर करने की मौजूदा फाइलिंग व लिस्टिंग व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकेगा।
हैकेथॉन में शीर्ष कोर्ट की कार्य प्रणाली में सुधार के लिए संबंधित पक्षों की राय मांगी गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि यह आयोजन जस्टिस संजय किशन कौल की देखरेख और मार्गदर्शन में होगा।
सुप्रीम कोर्ट की अधिसूचना में कहा गया है कि सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में शीर्ष कोर्ट की रजिस्ट्री इस हैकेथॉन का आयोजन कर रही है। इसके जरिए देश की शीर्ष अदालत में मौजूदा केस फाइलिंग व केस लिस्टिंग प्रक्रिया में बदलाव के लिए व्यावहारिक सुझाव मांगे गए हैं।
24 से दिसंबर तक दे सकते हैं ऑनलाइन सुझाव व विचार
अधिसूचना के अनुसार हैकेथॉन के तहत सुझाव व अभिनव विचार ऑनलाइन लिंक के माध्यम से 24 से 30 दिसंबर 2022 तक दिए जा सकते हैं। यह लिंक 'https://main.sci.nic.in/hackathon/' सुप्रीम कोर्ट की अधिकृत वेबसाइट पर रहेगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि विचार व सुझाव सुप्रीम कोर्ट रूल्स 2013 के दायरे में होने चाहिए।
ये दे सकेंगे विचार व सुझाव
अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के सदस्य, शीर्ष अदालत की ई-समिति के सदस्य, अधिकारी और शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में काम करने वाले कानून क्लर्क-सह-अनुसंधान सहायक इस हैकेथॉन में शामिल हो सकते हैं।
7 जनवरी को प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया जाएगा
हैकेथॉन में दिए गए सलाहों व सुझावों की जांच के बाद एक जांच-सह-चयन समिति सर्वश्रेष्ठ 18 सुझावों या अनूठे विचारों को चुनेगी। इसके बाद चुने गए प्रतिभागियों को 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी को प्रस्ताव की प्रस्तुति के लिए अधिकतम 10 मिनट और जांच-सह-चयन समिति और प्रभारी जस्टिस के साथ बातचीत-सह-प्रश्न/उत्तर सत्र के लिए अतिरिक्त पांच मिनट आवंटित किए जाएंगे। प्रस्तुति में बताना होगा कि संबंधित सुझाव या विचार से वांछित उद्देश्य कैसे हासिल किया जा सकेगा और इसके लिए प्रणालीगत परिवर्तन कैसे लाया जा सकेगा।
विजेता व उप विजेता चुने जाएंगे
हैकैथॉन के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव पेश करने वाले प्रतिभागी को विजेता चुना जाएगा, जबकि उसके बाद जिसका स्थान आएगा वह उप विजेता या रनर अप करार दिया जाएगा। अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट परिसर को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने के लिए एक समिति का गठन किया है। जस्टिस एस रविंद्र भट की अध्यक्षता में गठित समिति सुप्रीम कोर्ट में आने-जाने की सुविधाओं का आडिट करेगी। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड नोटिस के अनुसार समिति सुुप्रीम कोर्ट में आने वाले कर्मचारियों, वकीलों, वादियों और इंटर्न समेत दिव्यांगों के लिए एक प्रश्नावली तैयार कर जारी करेगी। इसमें इन लोगों से अदालत परिसर में आने में होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके बाद समिति संबंधित परेशानियों को दूर करने और परिसर को दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बनाने के संबंध में अपने सुझावों के साथ रिपोर्ट सौंपेगी।