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सुप्रीम कोर्ट का आदेशः हाइवे पर नहीं होंगे शराब के ठेके
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:48 AM IST
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Supreme Court hearing on Saturday
- फोटो : Getty Images
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हाइवे पर शराब के ठेकों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई है। देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकारें राष्ट्रीय राजमार्गं पर और उनके करीब शराब की दुकानों के लाइसेंस न दें। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिन दुकानों को शराब बिक्री के लाइसेंस दिए गए वे जब उनके वैध रहने तक ही शराब की ब्रिकी कर सकते हैं, लेकिन इनके लाइसेंसों को रिन्यू नहीं किया जाएगा।
मुख्य न्यायधीश टीएस ठाकुर के बेंच ने अहम फैसला देते हुए सभी स्टेट हाइवे पर भी शराब पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने सभी राजमार्गों पर शराब के ठेके पूरी तरह बंद करवाने के लिए अप्रैल 2017 की समयसीमा तय की है। कोर्ट ने इसके बाद नए लाइसेंस जारी करने या रिन्यू करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट का यह आदेश 'अराइव सेफ' नाम के एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इस एनजीओ का कहना है कि हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। एनजीओ का कहना है कि इनमें से ज्यादातर मौतें शराब
पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुई। एनजीओ का कहना था कि हाइवे पर शराब की आसानी उपलब्धता के कारण लोग नशे में गाड़ी चलाते हैं।
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मुख्य न्यायधीश टीएस ठाकुर के बेंच ने अहम फैसला देते हुए सभी स्टेट हाइवे पर भी शराब पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने सभी राजमार्गों पर शराब के ठेके पूरी तरह बंद करवाने के लिए अप्रैल 2017 की समयसीमा तय की है। कोर्ट ने इसके बाद नए लाइसेंस जारी करने या रिन्यू करने पर रोक लगा दी है।
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#FLASH: Supreme court bench headed by Chief Justice of India TS Thakur directs to ban liquor on all State Highways
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) December 15, 2016
कोर्ट का यह आदेश 'अराइव सेफ' नाम के एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इस एनजीओ का कहना है कि हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। एनजीओ का कहना है कि इनमें से ज्यादातर मौतें शराब
पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुई। एनजीओ का कहना था कि हाइवे पर शराब की आसानी उपलब्धता के कारण लोग नशे में गाड़ी चलाते हैं।