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Supreme Court: 'पंजाब में जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक', जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात
Fri, 10 Nov 2023 03:51 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 10 Nov 2023 03:51 PM IST
सार
राज्यपाल की आलोचना करते हुए पीठ ने कहा विधेयकों को मंजूरी नहीं देकर आप आग से खेल रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में सरकार और राज्यपाल के बीच जारी डेडलॉक की स्थिति पर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले पर अपनी टिप्पणी में कहा कि पंजाब में जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है और वह इससे बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। बता दें कि पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि राज्यपाल विधानसभा से पारित विधेयकों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं।
कोर्ट ने राज्यपाल से कहा- आप आग से खेल रहे हैं
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पंजाब सरकार और राज्यपाल से कहा हमारा देश तय परंपराओं पर चलता है और उनका पालन किया जाना जरूरी है। राज्यपाल की आलोचना करते हुए पीठ ने कहा विधेयकों को मंजूरी नहीं देकर आप आग से खेल रहे हैं और विधानसभा सत्र बुलाने को असंवैधानिक करार दिया। लोकतंत्र के तहत मुख्यमंत्री और राज्यपाल को मिलकर काम करना चाहिए। पीठ ने कहा अगर राज्यपाल को लगता है कि कोई विधेयक गलत तरीके से पास हुआ है तो उन्हें विधेयक को विधानसभा अध्यक्ष को वापस भेजना चाहिए। पीठ ने राज्यपाल के वकील से पूछा अगर विधानसभा का कोई सत्र अवैध घोषित हो भी जाता है तो सदन द्वारा पास किया गया विधेयक कैसे गैरकानूनी हो सकता है?
क्या है विवाद
पंजाब सरकार ने 19 और 20 जून को विधानसभा का सत्र बुलाया था। इस सत्र में एसजीपीसी संशोधन बिल, आरडीएफ फंड पेंडिंग, यूनिवर्सिटी चांसलर संबंधी विधेयक और पंजाब पुलिस एक्ट बिल पास हुए। हालांकि पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित का कहना है कि पंजाब सरकार द्वारा जून में बुलाया गया विधानसभा सत्र असंवैधानिक है, इसलिए इस सत्र में किए गए काम भी असंवैधानिक हैं। इसके खिलाफ पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। सरकार का कहना है कि अभी सत्र का सत्रावसान नहीं हुआ है तो सरकार जब चाहे सत्र बुला सकती है।
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कोर्ट ने राज्यपाल से कहा- आप आग से खेल रहे हैं
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पंजाब सरकार और राज्यपाल से कहा हमारा देश तय परंपराओं पर चलता है और उनका पालन किया जाना जरूरी है। राज्यपाल की आलोचना करते हुए पीठ ने कहा विधेयकों को मंजूरी नहीं देकर आप आग से खेल रहे हैं और विधानसभा सत्र बुलाने को असंवैधानिक करार दिया। लोकतंत्र के तहत मुख्यमंत्री और राज्यपाल को मिलकर काम करना चाहिए। पीठ ने कहा अगर राज्यपाल को लगता है कि कोई विधेयक गलत तरीके से पास हुआ है तो उन्हें विधेयक को विधानसभा अध्यक्ष को वापस भेजना चाहिए। पीठ ने राज्यपाल के वकील से पूछा अगर विधानसभा का कोई सत्र अवैध घोषित हो भी जाता है तो सदन द्वारा पास किया गया विधेयक कैसे गैरकानूनी हो सकता है?
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क्या है विवाद
पंजाब सरकार ने 19 और 20 जून को विधानसभा का सत्र बुलाया था। इस सत्र में एसजीपीसी संशोधन बिल, आरडीएफ फंड पेंडिंग, यूनिवर्सिटी चांसलर संबंधी विधेयक और पंजाब पुलिस एक्ट बिल पास हुए। हालांकि पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित का कहना है कि पंजाब सरकार द्वारा जून में बुलाया गया विधानसभा सत्र असंवैधानिक है, इसलिए इस सत्र में किए गए काम भी असंवैधानिक हैं। इसके खिलाफ पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। सरकार का कहना है कि अभी सत्र का सत्रावसान नहीं हुआ है तो सरकार जब चाहे सत्र बुला सकती है।
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