फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court on marking appearances Lawyers names runs into 10 pages order is few pages updates news in hindi

SC Updates: वकीलों के नाम 10 पन्नों में जबकि आदेश कुछ पन्नों का; मामलों में उपस्थिति दर्ज कराने पर शीर्ष कोर्ट

Thu, 23 Jan 2025 09:01 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 23 Jan 2025 09:01 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court on marking appearances Lawyers names runs into 10 pages order is few pages updates news in hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी संख्या में वकीलों की ओर से मामलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पर चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा वकीलों के नाम 10 पन्नों में आते हैं, जबकि आदेश केवल कुछ पन्नों का होता है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि अगर कोई वकील प्रभावी और सक्रिय तरीके से अदालत की मदद करता है, तो उसका नाम मामले में जोड़ने में कोई समस्या नहीं है। हम मामले में कोई आदेश पारित नहीं कर रहे हैं कि वकीलों के नाम आदेश में कैसे शामिल किए जाने चाहिए। लेकिन, आप बार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और हम आपकी बात सुन रहे हैं। पीठ ने कहा कि कई वकील मामले में बहस करने वाले वकील के साथ उपस्थित हुए, लेकिन जब उनसे कहा गया तो किसी ने बहस नहीं की।

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा, हमें स्पष्ट रूप से कहना पड़ेगा कि आपका कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। वकील से जो भी जुड़ा है, उनके नाम शामिल किए जाएं। ऐसा नहीं किया जा सकता। जब हम देखेंगे कि वे प्रभावी रूप से आपकी सहायता कर रहे हैं, तो उनके नाम वहां होंगे। सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन इस मुद्दे को विनियमित करने के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ अधिकारियों के निलंबन को वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती यूनिटेक समूह के पूर्व प्रवर्तकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए तिहाड़ सेंट्रल जेल के अधिकारी को निलंबित करने वाला अपना फैसला वापस ले लिया। शीर्ष अदालत ने 6 अक्तूबर 2021 को तिहाड़ जेल के अधिकारियों को दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी ठहराते हुए निलंबित करने का आदेश दिया था।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सक्षम प्राधिकारी को सहायक अधीक्षक (जेल) चेतराम मीना के निलंबन पर चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया। तिहाड़ जेल की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के तहत विभागीय जांच चल रही है और निलंबित अधिकारियों को पिछले साल अक्तूबर में आरोपों का ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 32 अधिकारियों के निलंबन पर समीक्षा समिति ने विचार किया था, लेकिन अदालत के आदेश के कारण इसे बढ़ा दिया गया। भाटी ने कहा कि न्यायालय सभी निलंबित अधिकारियों पर आदेश पारित करने पर विचार कर सकता है, भले ही सिर्फ एक ही अधिकारी अदालत आया हो।

मीना के वकील पी चिदंबरम ने कहा, मेरे मुवक्किल को साढ़े तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया था और विभागीय कार्यवाही अभी शुरू हुई है। मुझे विभागीय कार्यवाही से कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस तरह मेरे मुवक्किल को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित नहीं रखा जा सकता।

पीठ ने भाटी से कहा कि छह महीने बाद निलंबित सरकारी अधिकारी को निर्वाह भत्ते के रूप में वेतन का 75 फीसदी तथा कोई काम न करने के बावजूद पूर्ण अवकाश मिलेगा। पीठ ने कहा कि यदि 6 अक्तूबर, 2021 को पारित निलंबन के निर्देश को अनिश्चित काल तक लागू रहने दिया गया, तो यह राज्य के खजाने के लिए हानिकारक होगा। पीठ ने कहा, चूंकि आरोपपत्र पिछले साल अक्तूबर में दाखिल किया गया है इसमें कोई दो राय नहीं कि विभाग की कार्यवाही पूरी होने में वक्त लगेगा। लंबित आपराधिक कार्यवाही का भी कम समय में निष्कर्ष निकलने की संभावना नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed