{"_id":"60dfe10e502d4d49af1c6443","slug":"supreme-court-now-lawyers-will-argue-in-physical-court-judges-will-come-to-sc-premises-after-one-and-a-half-year-coronavirus","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत: अब अदालत कक्ष में बहस करेंगे वकील, डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में आएंगे न्यायाधीश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहत: अब अदालत कक्ष में बहस करेंगे वकील, डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में आएंगे न्यायाधीश
Sat, 03 Jul 2021 09:31 AM IST
दीप्ति मिश्रा
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:31 AM IST
सार
शीर्ष अदालत ने वकीलों से फिजिकल सुनवाई का हिस्सा बनने की गुजारिश की है। इतना है नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले में न्यायिक आदेश के जरिये वकीलों को अदालत में आकर बहस करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
Supreme Court
- फोटो : ANI
विस्तार
देश में पिछले डेढ़ साल से कोरोना महामारी का कहर जारी है, जिसके चलते अदालतों की सुनवाई भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही थी। लेकिन अब कोरोना वायरस का कहर थोड़ा कम हो गया है। इसके बाद फिर से अदालत परिसर में सुनवाई करने की तैयारी हो रही है। करीब डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट में फिर से फिजिकल कोर्ट की शुरुआत होने वाली है। यानी एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में वकील अदालत कक्ष में जज के सामने बहस करेंगे।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने वकीलों से फिजिकल सुनवाई का हिस्सा बनने की गुजारिश की है। इतना है नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले में न्यायिक आदेश के जरिये वकीलों को अदालत में आकर बहस करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश से संबंधित एक अपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान ये बात कहीं। पीठ ने इस मामले के दोनों वकीलों को तीन सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में अदालत में आकर बहस करने के लिए कहा है। दोनों पक्षों के वकील भी फिजिकल बहस के लिए तैयार हो गए हैं।
विज्ञापन
जस्टिस राव ने कहा, ''हमें कभी न कभी फिजिकल बहस की शुरुआत तो करनी पड़ेगी। एक न एक दिन हमें फिर से सामान्य व्यवस्था को अपनाना होगा। यह देखते हुए कि सुप्रीम कोर्ट के लगभग सभी जज कोविड-19 का टीका ले चुके हैं। ऐसे में अब वक्त आ गया है, जब फिजिकल कोर्ट की शुरुआत की जा सकती है।'' जस्टिस राव ने कहां कि अब स्थिति बदल रही है और हमें अपनी पुरानी तरीके को अपनाना पड़ेगा। मालूम हो कि गत वर्ष 23 मार्च से सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल तरीके से मामलों की सुनवाई हो रही है।
बता दें कि कई बार वकीलों की ओर से फिर से फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। ग्रीष्मावकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट के लगभग सभी जज(कुछ अपवाद को छोड़) अब अदालत कक्ष में बैठकर सुनवाई कर रहे हैं । हालांकि बहस वर्चुअल माध्यम से हो रही है।