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बच्चे गोद लेने के लिए एकसमान कानून की मांग वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस

Sat, 30 Jan 2021 05:54 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 30 Jan 2021 05:54 AM IST
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Supreme Court notice to the central government on the petition seeking uniform law for child adoption
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने सभी नागरिकों के लिए गोद लेने और संरक्षता का एकसमान कानून बनाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को शुक्रवार को नोटिस जारी किया है।चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

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उपाध्याय ने याचिका में गोद लेने और संरक्षकता के नियम में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग की है तथा धर्म, जाति, लिंग या जन्म के आधार पर भेदभाव को खत्म कर एकरूपता लाने की मांग की है।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि आजादी के 73 साल बाद और भारत के लोकतांत्रिक गणराज्य बनने के 71 साल बाद भी मुसलमानों, ईसाईयों और पारसियों के लिए गोद लेने के कानून नहीं हैं। सभी के लिए एक समान कानून नहीं होने के कारण मुस्लिम, ईसाई, पारसी गार्डनशिप एंड वार्ड एक्ट, 1890 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।
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मुस्लिम, ईसाई और पारसी सिर्फ पालन व देखभाल करने के लिए बच्चों को गोद ले सकते हैं। बालिग होने पर वह परिवार से संबंध तोड़ सकता है। इसके अलावा इस तरह के बच्चे के पास विरासत का कानूनी अधिकार नहीं होता है, जो नागरिकों में बहुत कठिनाई और भ्रम पैदा करता है। लिहाजा एकसमान कानून से इन समस्याओं से निपटा जा सकता है।

Supreme Court notice to the central government on the petition seeking uniform law for adoption
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