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सुप्रीम कोर्ट: गन्ना किसानों की बकाया राशि को लेकर याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस
Wed, 04 Aug 2021 03:49 PM IST
गौरव पाण्डेय
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 04 Aug 2021 03:49 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक नई याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया है जिसमें राज्य सरकारों को गन्ना किसानों की बकाया राशि और मिल मालिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई को रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई है।
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गन्ना किसान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन और न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, कर्नाटक व तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों की सरकारों और चीनी मिलों को नोटिस जारी किए।
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याचिकाकर्ता पूर्व लोकसभा सांसद राजू अन्ना शेट्टी और अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने पीठ के समक्ष कहा कि ऐसे ही एक मामले को अदालत विचार के लिए पहले ही स्वीकार कर चुकी है।
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उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2021 तक किसानों का बकाया 18 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उत्तर प्रदेश में किसानों को 7500 करोड़ रुपये और कर्नाटक में 3585 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था।
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शीर्ष अदालत ने आनंद ग्रोवर की संक्षिप्त दलील सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने तीन सप्ताह बाद मामले पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से एक सख्त तंत्र स्थापित करने की मांग की है जिससे कि गन्ना किसानों को कानून के तहत गन्ने की बकाया राशि का भुगतान किया जा सके और जिससे बकाया राशि जमा न हो।
उनका यह भी कहना है ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जिससे किसानों उस संकट से बच सकें जब एक चीनी मिल को बीमार घोषित कर दिया जाता है और मिल बेचने की प्रक्रिया के दौरान बकाया भुगतान नहीं होता है।
इस याचिका में शीर्ष अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार को गन्ना किसानों को उनकी बकाया राशि को लेकर कुछ तदर्थ भुगतान जारी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।