फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court News Updates Three out of 11 convicts in Bilkis case reached Supreme Court demanding extension

Supreme Court: बिलकिस केस में 11 दोषियों में से तीन पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, आत्मसमर्पण के लिए समय बढ़ाने की मांग

Thu, 18 Jan 2024 12:38 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 18 Jan 2024 12:38 PM IST
सार

बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों में से तीन ने जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए समय बढ़ाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

विज्ञापन
Supreme Court News Updates Three out of 11 convicts in Bilkis case reached Supreme Court demanding extension
बिलकिस बानो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिलकिस बानो गैंगरेप मामले के 11 दोषियों में से तीन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आत्मसमर्पण करने के लिए और समय मांगा है। बीती 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के दोषियों को रिहा करने के फैसले को पलटते हुए दोषियों को जेल भेजने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को दो हफ्ते के भीतर जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। अब तीन दोषियों ने आत्मसमर्पण के लिए और समय देने की मांग की है। 
विज्ञापन


चार हफ्ते का समय देने की मांग
दोषियों ने याचिका में मांग की है कि जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए उन्हें चार हफ्ते का समय दिया जाए। याचिका जिन दोषियों ने दायर की है, उनमें शामिल गोविंदभाई ने अपील की है कि 'उन्हें अपने 88 वर्षीय पिता और 75 वर्षीय माता की देखभाल करनी होती है। वह अपने माता-पिता की देखभाल करने वाले इकलौते व्यक्ति हैं। आवेदक की उम्र करीब 55 साल हैं। गोविंदभाई ने कहा कि वह खुद बुजुर्ग हैं और अस्थमा और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं।'
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा गया मामला
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस संजय करोल की पीठ के सामने दोषियों की याचिका लगाई गई थी, लेकिन पीठ ने रजिस्ट्री विभाग को मुख्य न्यायाधीश के सामने मामले को भेजने को कहा। पीठ ने कहा कि जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए और समय मांगा गया है चूंकि इसके लिए पीठ का गठन करना होगा। ऐसे में रजिस्ट्री विभाग को मुख्य न्यायाधीश से आदेश लेने को कहा गया है क्योंकि पीठ का समय रविवार को खत्म हो रहा है, ऐसे में पीठ को पुनर्गठित करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


साल 2002 के गुजरात दंगों में दोषियों ने बिलकिस के परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी थी और बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई थी। 14 साल जेल की सजा काटने के बाद दोषियों को गुजरात सरकार ने माफी देते हुए जेल से रिहा कर दिया था। दोषियों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हुईं, जिन पर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्वल भुयन की पीठ ने गुजरात सरकार का फैसला पलट दिया था और दोषियों की रिहाई को गलत बताया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed