SC: जज बनाम जज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को जारी किया नोटिस, हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय के अन्य जज पर लगाए आरोपों पर स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले की सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ समेत पांच जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई की।
विस्तार
क्या है मामला
कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने आरोप लगाए हैं कि उनके सहयोगी जज सोमेन सेन एक राजनीतिक पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एकल जज पीठ ने मेडिकल एडमिशन में कथित अनियमितता के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिए थे। जिस पर जस्टिस सोमेन सेन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी थी। इस पर जस्टिस अभिजीत ने डिवीजन बेंच के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक के आदेश के बावजूद फिर से सीबीआई जांच के आदेश दिए, साथ ही सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले को देखने की अपील की थी। जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई की।
जस्टिस गंगोपाध्याय ने ये भी सवाल किया था कि जस्टिस सोमेन सेन को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने साल 2021 में ही ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद जस्टिस सोमेन सेन अब तक कलकत्ता हाईकोर्ट में क्यूं हैं? जस्टिस गंगोपाध्याय ने जस्टिस सोमेन सेन की एक कथित निजी चैट का भी खुलासा किया, जिसमें उन्होंने जस्टिस अमृता सिन्हा को अपने चैंबर में बुलाकर कहा था कि 'अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक भविष्य है और उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए'। जस्टिस सिन्हा ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को इस मामले की जानकारी दी थी। कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने बाद में इसकी जानकारी देश के मुख्य न्यायाधीश को भी दी थी।
प्रधानमंत्री मोदी कल करेंगे सुप्रीम कोर्ट के हीरक जयंती समारोह का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सुप्रीम कोर्ट सभागार में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के हीरक जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान मोदी नागरिक केंद्रित सूचना और प्रौद्योगिकी पहलें लॉन्च करेंगे। इसमें डिजिटल सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट (डिजी एससीआर), डिजिटल कोर्ट 2.0 और सुप्रीम कोर्ट की नई वेबसाइट शामिल हैं।
इस मौके पर मोदी सभा को भी संबोधित करेंगे। डिजिटल सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट (एससीआर) देश के नागरिकों को मुफ्त और इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को उपलब्ध कराएगी। इसकी मुख्य विशेषता यह हैं कि 1950 के बाद से 36,308 मामलों को कवर करने वाली सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट के सभी 519 खंड डिजिटल प्रारूप में, बुकमार्क किए गए, उपयोगकर्ता के अनुकूल और सभी लोगों की पहुंच के साथ उपलब्ध होंगे। डिजिटल कोर्ट 2.0 अनुप्रयोग जिला अदालतों के न्यायाधीशों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में अदालती रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत एक हालिया पहल है। इसे वास्तविक समय के आधार पर भाषण को मूल पाठ में बदलने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग के साथ जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री सुप्रीम कोर्ट की नई वेबसाइट भी लॉन्च करेंगे। नई वेबसाइट अंग्रेजी और हिंदी में द्विभाषी प्रारूप में होगी और इसे उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस के साथ फिर से डिजाइन किया गया है।