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Supreme Court: पतंजलि कंपनी को दवाओं से जुड़े विज्ञापनों को लेकर मिली चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट ने दी यह हिदायत

Tue, 21 Nov 2023 08:39 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 21 Nov 2023 08:39 PM IST
सार

पतंजलि के विज्ञापनों पर सुप्रीम कोर्ट की हिदायत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, पतंजलि आयुर्वेद के सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों को तुरंत रोकना होगा। कोर्ट ऐसे किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लेगी। पढ़िए पूरा मामला...

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Supreme Court News Updates SC cautions Patanjali against making false claims about medicines in advertisements
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिडेट को झूठे दावे करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने हिदायत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि को विज्ञापनों में अपनी दवाओं के बारे में झूठे दावे के प्रति चेतावनी दी है। आईएमए के वकील ने कहा था कि इन विज्ञापनों में कहा गया है कि आधुनिक दवाएं लेने के बावजूद चिकित्सक खुद मर रहे हैं। 
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दो न्यायाधीशों की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, पतंजलि आयुर्वेद के ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों को तुरंत रोकना होगा। कोर्ट ऐसे किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लेगी। शीर्ष अदालत ने आईएमए की याचिका पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, चिकित्सा की आधुनिक प्रणालियों के बारे में भ्रामक दावे और विज्ञापन न चलाएं। कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए एलोपैथी और एलोपैथिक चिकित्सकों की आलोचना करने के लिए बाबा रामदेव की कड़ी आलोचना की थी। 
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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, अगर दावा गलत साबित होता है तो पीठ प्रत्येक उत्पाद पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने पर भी विचार कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश वकील से भ्रामक चिकित्सा विज्ञापनों का समाधान ढूंढने को कहा। बता दें पीठ अब आईएमए की याचिका पर अगले वर्ष पांच फरवरी को सुनवाई करेगी।
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