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SC: आरजी कर मामले की जांच नए सिरे से कराने की मांग निरस्त, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहा

Mon, 17 Mar 2025 03:31 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 17 Mar 2025 03:31 PM IST
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Supreme court news updates rg kar case victim parents plea dispose
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला / एएनआई
सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर केस मामले की जुड़ी एक याचिका को निरस्त कर दिया है। दरअसल यह याचिका पीड़िता के परिजनों ने लगाई थी, जिसमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की जांच सीबीआई द्वारा फिर से कराए जाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता कलकत्ता हाईकोर्ट में अपनी याचिका लगा सकते हैं। पीड़िता के परिजनों की तरफ से वरिष्ठ वकील करुणा नंदी अदालत में पेश हुईं। वहीं सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। 
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Supreme court news updates rg kar case victim parents plea dispose
उपासना स्थल कानून पर नई याचिकाओं से सुप्रीम कोर्ट नाराज - फोटो : ANI

कैग की नियुक्ति की मौजूदा प्रक्रिया को चुनौती, केंद्र से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा, जिसमें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की नियुक्ति केवल कार्यपालिका और प्रधानमंत्री की ओर से करने के मौजूदा चलन को संविधान का उल्लंघन घोषित किए जाने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया और उसे इसी मुद्दे पर लंबित मामले के साथ संलग्न कर दिया।

एनजीओ की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सवाल संस्था की स्वतंत्रता का है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में है, में कैग की लेखा परीक्षा को बाधित किया जा रहा है। जनहित याचिका में न्यायालय से यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रपति कैग की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के प्रधान न्यायाधीश वाली एक स्वतंत्र और तटस्थ चयन समिति के परामर्श से तथा पारदर्शी तरीके से करें। इसमें कहा गया है कि कैग की नियुक्ति का निर्देश सूचना आयोगों और केंद्रीय सतर्कता आयोग सहित अन्य निकायों की नियुक्ति के समान होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया

नीतीश कटारा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, गृह विभाग को अवमानना नोटिस भेजा है। यह नोटिस सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की क्षमा याचिका पर फैसला न करने के लिए जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में मुख्य सचिव से जवाब मांगा है कि उन्हें 28 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। सुखदेव यादव ने 20 साल जेल की सजा काटने के बाद क्षमा याचिका दायर की थी। सुखदेव यादव को नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव के साथ दोषी ठहराया गया था। सुखदेव यादव को 20 साल जेल की सजा मिली थी, जो बीती 10 मार्च को पूरी हो गई। 

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े एक मामले पर गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए तारीख तय किए बिना ही मामले को स्थगित कर दिया था। जस्टिस बी.आर.गवई और ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क से जुड़े मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।  

बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को वापस लें और शीर्ष कोर्ट में चल रही प्रक्रिया में उचित याचिका दाखिल करें। वकील ने याचिका वापस ली, साथ ही शीर्ष कोर्ट में उचित याचिका दायर करने की अनुमति प्राप्त की।  याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट में दायर याचिका में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण और जैव विविधता को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे, जिनमें पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की घोषणा भी शामिल थी। बेंच ने कहा,यह मुद्दा इस कोर्ट में लंबित है।  

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पिछले साल 6 दिसंबर को अपने आदेश में कहा था कि इस मामले को बिना किसी तारीख के स्थगित किया जाता है, क्योंकि काजीरंगा उद्यान से जुड़े कई मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इस जनहित याचिका में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए कई मुद्दे उठाए गए थे, जिनमें पारिस्थितिकी-नाजुक क्षेत्र, नौ अधिसूचित पशु गलियारों की सुरक्षा और अवैध औद्योगिक और जंगल में गैर गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।  

मणिपुर में हिंसा के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी में ही मुकदमे चलाने का दिया आदेश 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा के मामलों पर सुनवाई असम के गुवाहाटी में होगा, जहां पहले ही इन मामलों को स्थानांतरित किया गया था। चीफ जस्टिस (सीजेआई) संजीव खन्ना की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय बेंच ने यह निर्णय लिया और जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाले एक पैनल के कार्यकाल को 31 जुलाई 2025 तक बढ़ा दिया। इस पैनल में बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज शालिनी पी जोशी और दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज आशा मेनन भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा के पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के लिए यह पैनल गठित किया था। इस पैनल का कार्यकाल पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त 2023 को छह महीने के लिए बढ़ा दिया था।  

भारत में खेल संघ बीमार संस्थाएं: सुप्रीम कोर्ट 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत में खेल संघों को बीमार संस्थाएं करार दिया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने यह टिप्पणी उस समय की, जब वह महाराष्ट्र कुश्ती संघ की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 अक्तूबर 2024 के आदेश के खिलाफ दायर की गईमान्यता रद्द कर थी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र कुश्ती संघ की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की ओर से उसकी ने को चुनौती दी थी। 

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के पूर्व आईएएस अधिकारी की याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग से शासन में जनता का विश्वास खत्म हुआ है और वित्तीय संस्थानों में प्रणालीगत कमजोरियां पैदा हुई हैं। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के जांचे गए मामलों में गुजरात के पूर्व आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें शर्मा ने गुजरात पुलिस की ओर से उनके खिलाफ दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के कई मामलों की प्रारंभिक जांच की मांग की थी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में पीठ ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के दूरगामी परिणाम होते हैं, न सिर्फ भ्रष्टाचार के व्यक्तिगत कृत्यों के संदर्भ में बल्कि सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचाने के मामले में भी। वर्तमान मामले में अपराधों का अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि अवैध वित्तीय लेन-देन राज्य को वैध राजस्व से वंचित करते हैं। बाजार की अखंडता को बिगाड़ते हैं और आर्थिक अस्थिरता में योगदान करते हैं। इस तरह के कृत्य, जब सत्ता में बैठे व्यक्तियों की ओर से किए जाते हैं, तो शासन में जनता का विश्वास खत्म हो जाता है और वित्तीय संस्थानों के भीतर प्रणालीगत कमजोरियां पैदा होती हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून का प्राथमिक उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना और अपराध की आय को जब्त करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि अवैध धन से वित्तीय प्रणाली को नुकसान न पहुंचे।

नौकरी के बदले नकदी घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को रोक लगा दी, जिसमें एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री के.टी. राजेंद्र भालाजी के खिलाफ नौकरी के बदले नकदी घोटाला मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था। जस्टिस पंकज मिठ्ठल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब तमिलनाडु सरकार की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई अपील पर सुनवाई हो रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वोत्तर राज्यों में परिसीमन अभ्यास के लिए केंद्र को तीन महीने का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर और असम में परिसीमन अभ्यास करने के लिए तीन महीने का समय दिया। चीफ जस्टिस (सीजेआई) संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की और समय बढ़ाने की मांग को स्वीकार किया। कोर्ट ने सुनवाई को 21 जुलाई तक स्थगित करते हुए केंद्र को तीन महीने के भीतर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी आदेश को खारिज किया, औरोविले में निर्माण जारी रखने की मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें चेन्नई के औरोविले में निर्माण कार्यों को पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण रोकने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि विकास और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार के बीच एक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को चेतावनी दी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बार सदस्यों, वादियों और अन्य के प्रति अनुशासनहीनता के मामलों पर ध्यान दिया। शीर्ष कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को विनम्र, शालीन और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को आदेश दिया कि वह  न्यायिक अधिकारी नजमीन सिंह को अस्थायी रूप से बहाल करें। चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर के डॉक्टरों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने के कारण नजमीन सिंह की सेवा को समाप्त कर दिया गया था।

बीसीआई ने वकीलों को दी चेतावनी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सोमवार को वकीलों को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रचार करने और भ्रामक विज्ञापन करने को लेकर चेतावनी दी। बीसीआई ने अपने बयान में कहा कि वकील सोशल मीडिया, प्रचार वीडियो और इन्फ्लुएंसर की मदद से कानूनी सेवाओं का विज्ञापन करने की अनैतिक प्रथा में शामिल हो रहे हैं, जो कि अनुशासनिक रूप से गलत है। उन्होंने बॉलीवुड सितारों, मशहूर हस्तियों और डिजिटल मीडिया मंचों को प्रचार उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की सख्त आलोचना की और कहा कि यह बीसीआई के नियमों का उल्लंघन करता है।

तमिलनाडु: पुलिस ने के.अन्नामलाई और तमिलिसाई सुंदरराजन सहित कई नेतओं को हिरासत में लिया
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई और पार्टी की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन सहित पार्टी के कई नेताओं को राज्य पुलिस ने तमिलनाडु द्रमुक सरकार के खिलाफ कथित टीएएसएमएसी घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि कि पुलिस ने उन्हें छह बजे के बाद हिरासत में रखा।  ऐसा करना अवैध है।  

सुंदरराज ने पुलिस से अपनी रिहाई की मांग करते हुए कहा, पुलिस के पास हमें 6 बजे के बाद हिरासत में रखने का कोई अधिकार नहीं है। उनके समर्थकों ने पुलिस के इस कदम के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।  

रिहा होने के बाद सुंदरराजन ने कहा, हमने विरोध किया, तब हमें रिहा किया गया। एक महिला नेता बेहोश हो गई थी, उसे अस्पताल भेजना पड़ा और मैं कानून का सम्मान करते हुए वापस अंदर आई। पुलिस ने हमें 6 बजे के बाद हिरासत में रखा, जो कि कानून का उल्लंघन है। यह बुरा बर्ताव है। क्या महिलाओं को इस तरह से देखा जाना चाहिए?  उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का मकसद उनकी हिम्मत तोड़ना था, ताकि वे आगे कोई विरोध प्रदर्शन न करें, लेकिन भाजपा हार नहीं मानेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।  

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