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SC: वक्फ कानून के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई सहमति, दीवानी विवादों पर 'सुप्रीम' निर्देश

Mon, 07 Apr 2025 04:55 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 07 Apr 2025 04:55 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज को केरल हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश की है। अब सरकार की मंजूरी का इंतजार है। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता में कॉलेजियम की बीते महीने दो बैठकें हुईं और तीसरी बैठक बीती 3 अप्रैल को हुई। इन बैठकों में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को केरल उच्च न्यायालय भेजने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है। 
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दीवानी विवादों को आपराधिक मामलों में बदलने की प्रथा गलत- सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश में दीवानी मामले को आपराधिक मामले में बदलने की आलोचना
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश में दीवानी मामले को आपराधिक मामले में बदलने की आलोचना की। मामला नागरिक विवाद से जुड़ा है, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने धोखाधड़ी के तहत दर्ज किया, जो आपराधिक मामला बन गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी और जांच अधिकारी से हलफनामा दायर करने को कहा है, जिसमें उन्हें बताना है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। 
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वक्फ विधेयक के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने की सहमति जताई है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमीयत उलमा- ए- हिंद की ओर से पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की याचिकाओं को जल्द सुनने की बात पर सहमति दी है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मैं आज दोपहर तक पत्र को देखता हूं फिर निर्णय लूंगा। इस मुद्दे से जुड़ी अन्य याचिकाएं पहले से भी दायर हैं।
 
अपनी याचिका में जमीयत उलमा- ए- हिंद ने कहा है कि इस कानून से सीधे हमारे देश की संविधान पर हमला किया जा रहा है। हमारे संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रावधान है। इसके साथ हमें धार्मिक आजादी देने की भी बात कही गई है। जमात ने आगे कहा कि इस विधेयक से मुसलमानों की धार्मिक आजादी छीनने की कोशिश की गई है। हमने वक्फ संशोधन 2025 को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। जमात उलमा-ए-हिंद की राज्य इकाइयां भी अपने-अपने राज्यों के उच्च न्यायालयों में इस कानून के खिलाफ चुनौती देंगे।  
 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। यह बिल दोनों सदनों में तीखी बहस के बाद पारित हुआ है। इस बिल के पक्ष में लोकसभा में 288 वोट और राज्यसभा में 128 वोट पड़े हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने धमकी मामले में आदेश में हस्तक्षेप करने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और राज्य के अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने से पुलिस टीम को रोकने के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इन अधिकारियों पर एक व्यवसायी को निजी फर्म में उसके परिवार के शेयर बेचने की धमकी देने का आरोप है। जस्टिस बी वी नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेगी।

महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने कहा कि शिकायतकर्ता व्यवसायी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच पूरी कर ली है और उसे अधिकार क्षेत्र वाली अदालतों के समक्ष आरोपपत्र दाखिल करने की जरूरत है। पीठ ने कहा कि मामला अभी भी उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है, जो आरोपपत्र दाखिल करने के पहलू की जांच करेगा। रतन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने एफआईआर में कुछ अतिरिक्त धाराएं जोड़ने का निर्देश दिया है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "अब जब जांच पूरी हो गई है, तो इस अदालत को हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए? आप उच्च न्यायालय के समक्ष जाएं।"
 

न्यायपालिका सहयोग और आपसी सम्मान से ही आगे बढ़ती है: सीजेआई
न्यायपालिका सहयोग और आपसी सम्मान से ही आगे बढ़ती है और नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भविष्य के लिए संस्थागत सौहार्द का निर्माण करेंगे, भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने सोमवार को कहा। समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर महज औपचारिक आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि सहयोग, आपसी सम्मान और साझा उद्देश्य की भावना के साथ नवीनीकृत सदियों पुराने बंधन की पुष्टि है, उन्होंने कार्यक्रम में कहा।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) खन्ना ने कहा, भारत और नेपाल सिर्फ पड़ोसी देश नहीं हैं। हमारा संबंध इतिहास और सभ्यतागत मूल्यों में अंकित है। पवित्र हिमालय से लेकर गौतम बुद्ध की आध्यात्मिक विरासत तक, हमारे संबंध सीमाओं से परे हैं और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। ये संबंध न केवल हमारी परंपराओं में बल्कि हमारे लोकतंत्रों को आधार देने वाली संस्थाओं में भी दिखाई देते हैं।
 

जज ने वकील से पूछा...आप असली तो हैं
सुप्रीम कोर्ट में रोचक घटनाक्रम हुआ, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश वकील से जज ने पूछ लिया कि आप वास्तविक तो हैं? मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ कर रही थी और एक पक्ष के वकील इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए। जस्टिस नागरत्ना के सवाल पर वकील ने जवाब दिया, मैं आपको आश्वस्त करता हूं मीलॉर्ड मैं पूरी तरह वास्तविक हूं। तब जस्टिस एससी शर्मा ने न्यूयॉर्क की घटना का जिक्र करते हुए कहा, एक खबर देखी जिसमें एआई से बनाया व्यक्ति कोर्ट में पेश होकर बहस कर रहा था। गौरतलब है कि न्यूयॉर्क की कोर्ट में जेरोम डेवाल्ड (74) ने दलील पेश करने के लिए एआई-अवतार का इस्तेमाल किया था। जजों ने पकड़ लिया, तो डेवाल्ड ने बताया-वह असली नहीं, बल्कि एआई-अवतार है। 

आरोपी को बरी करने के मामले में निर्दोषिता की धारणा स्पष्ट की
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रॉयल कोर्ट की ओर से किसी आरोपी को बरी किए जाने की स्थिति में निर्दोषता की धारणा को स्पष्ट किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि अपीलीय अदालतों को तब तक फैसले को पलटना नहीं चाहिए, जब तक कि वह स्पष्ट रूप से अवैध या विकृति न हो। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की ओर से जगदीश गोंड को उसकी पत्नी की कथित हत्या के लिए दी गई सजा को पलट दिया। पीठ के लिए फैसला लिखते हुए जस्टिस चंद्रन ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोपी को बरी करने के फैसले को बहाल कर दिया। 

एमटेक समूह के पूर्व अध्यक्ष अरविंद को आज सुबह 10 बजे तक आत्समर्पण का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक समूह के पूर्व अध्यक्ष अरविंद धाम को 2,700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 8 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने या तो आत्मसमर्पण के लिए समय बढ़ाने या फिर धाम को दिल की बीमारी के लिए एंजियोग्राफी परीक्षण कराने के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग पर नाराजगी जताई।

केंद्र के आश्वासन के बाद नीट-यूजी में एनटीए के चूक का मामला बंद किया
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष नीट-यूजी आयोजित करने में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली से संबंधित मामले को बंद कर दिया है। शीर्ष कोर्ट ने ऐसा केंद्र के इस आश्वासन पर किया कि परीक्षा में सुधार के लिए वह अपनी समिति की सिफारिशों को लागू करेगा। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र की अनुपालन रिपोर्ट पर गौर कर याचिका का निपटारा किया।
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