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SC: सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को हिरासत केंद्र में रखे जाने पर मांगा जवाब

Tue, 10 Oct 2023 01:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 10 Oct 2023 01:09 PM IST
सार

शीर्ष अदालत ने  रोहिंग्या शरणार्थियों की रिहाई की मांग वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने चार हफ्ते के भीतर याचिका पर हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

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Supreme Court News Update SC seeks response from Centre on a plea seeking the release of Rohingya refugees
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने अवैध व मनमाने ढंग से जेलों और डिटेंशन सेंटरों में बंद रोहिंग्या शरणार्थियों को रिहा करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को नोटिस जारी किया।याचिका में दावा किया गया है कि रोहिंग्या शरणार्थियों की निरंतर हिरासत अवैध और असांविधानिक है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 और 14 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

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याचिका में यह भी मांग की गई है कि केंद्र सरकार को अवैध आप्रवासी होने या विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत किसी भी रोहिंग्या को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने से रोका जाए। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

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याचिका एक स्वतंत्र मल्टीमीडिया पत्रकार प्रियाली सूर ने दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि म्यांमार के ये शरणार्थी एक ऐसी स्थिति के कारण अपने देश से भागे हैं, जिसे संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में मान्यता दी है।

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चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई तय
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चंदा देने से जुड़ी चुनावी बॉन्ड योजना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के लिए मंगलवार को 31 अक्तूबर की तारीख तय की। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की इस दलील का संज्ञान लिया कि 2024 के आम चुनाव के लिए चुनावी बॉन्ड योजना शुरू होने से पहले इस मामले पर फैसला लिए जाने की जरूरत है। गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से पेश भूषण ने कहा कि चुनावी बॉन्ड के माध्यम से दिए जाने वाले गुमनाम चंदे से भ्रष्टाचार बढ़ता है और भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र पाने के नागरिकों के अधिकार का उल्लंघन होता है।

सूरजगढ़ लौह अयस्क खदान आगजनी मामले में सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत पर महाराष्ट्र को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने 2016 सुरजगढ़ लौह अयस्क खदान आगजनी मामले में वकील सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। 31 जनवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने गाडलिंग को जमानत देने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ आरोप सही थे। 25 दिसंबर 2016 को, माओवादी विद्रोहियों ने कथित तौर पर 76 वाहनों को आग लगा दी थी, जिनका इस्तेमाल महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सूरजगढ़ खदानों से लौह अयस्क के परिवहन के लिए किया जा रहा था। गाडलिंग पर जमीनी स्तर पर काम कर रहे माओवादियों को मदद पहुंचाने का आरोप है। उन पर विभिन्न सह-अभियुक्तों और मामले में फरार कुछ लोगों के साथ साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया था।

वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में अपराध की प्रकृति प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ बदल रही है: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि धन की हेराफेरी से जुड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अपराध की प्रकृति प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के साथ विश्व स्तर पर बदल रही है और सरकार को सभी पहलुओं से निपटना होगा। जस्टिस संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने एक आरोपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी ने याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे कथित धोखाधड़ी के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

प्रदूषणकारी पेट्रोलियम कोक से जुड़े मुद्दे पर समग्र रुख अपनाने की जरूरत
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को विभिन्न उद्योगों द्वारा उपयोग किए जा रहे अत्यधिक प्रदूषणकारी ‘पेट्रोलियम कोक’ के वितरण से जुड़े मुद्दों पर विचार करने का निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि उद्योगों और स्वच्छ पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने के लिए एक समग्र रुख अपनाना होगा। जस्टिस संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने पेट्रोलियम कोक का आयात और इसका आयात कोटा बढ़ाने पर दायर अर्जियों पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।

केंद्र ने कोर्ट को बताया- जीएसटी अधिकरण स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की कुछ दलीलों पर गौर किया। इनमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय जीएसटी अधिकरणों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित मुद्दे पर दायर एक जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। शीर्ष अदालत ने छह अगस्त, 2021 को वकील-कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद को नोटिस जारी किया था।

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